रांची:- महागठबंधन की सरकार राज्य में विकास की रफ्तार को तेज करने के प्रति बहुत ही संवेदनशील हो चुकी है. झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग डेवलपमेंट के क्षेत्र में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले विभाग बनकर उभरा है, उक्त बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता शमशेर आलम ने कही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान वितीय वर्ष में अब तक 343892 योजनाओं को पूर्ण कर लिया है और 811861 योजनाओं पर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य संपोषित योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य संपोशित योजना अंतर्गत 171 पथों जिनकी कुल लंबाई 564.25 है का निर्माण/सुढृढ़ीकरण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है. वर्तमान में 460 पथों पथों की कुल लंबाई 2078.59 किमी पर कार्य कराया जा रहा है. वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत 20 बडे पुलों का निर्माण कराया गया. वहीं 191 पुलों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने कहा क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 692.03 करोड खर्च कर 270 पथ बने और 46 पथ का निर्माण कार्य चल रहा है. पीएमजीएसवाई-3 के अंतर्गत 4125 किमी पथ कर्णांकित की गई है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि वितीय वर्ष 2020-21 में 308456.8 लाख रूपये तथा 900 लाख मानव दिवस श्रम बजट लक्षित है इसके विरूद्ध में कुल 194474.16 लाख व्यय कर 816.710 लाख मानव दिवस सृजित किया गया है. ग्रामीण विकास विभाग 1026541 नये परिवार को जॉब कार्ड दिया गया, जिसमें कुल 1386073 मजदूर शामिल हैं. श्री आलम ने बताया कि मनेरगा व अन्य योजनाओं के माध्यम से चार महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरूआत की गई, जिसमें बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर -पीताम्बर जल समृद्धि योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना, दीदी बाडी योजना है. इससे ग्रामीण क्षेत्र में काफी लोगों को लाभ मिल रहा है.
आलम ने कहा कि झारखंड के महागठबंधन की सरकार की विकास कार्य को देखकर विपक्ष तिलमिला कर आरोप पत्र जारी कर रही है. झारखंड की जनता ने विकास करने के लिए महगठबंधन सरकार को पूर्ण बहुत दिया है. भाजपा ने दुमका और बरेमो के उपचुनाव में नजर लगाने का प्रयास कर रही थी लेकिन इसके बावजूद भी राज्य की जनता ने महागठबंधन सरकार को जीत दिलाने का काम किया तथा भरोसा रखा. उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बहुत ही अच्छा कार्य कर रही है. जनता का भरपूर साथ मिल रहा है. आने वाले समय में झारखंड हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा. रोजगार सृजन के क्षेत्र में भाजपा शासित राज्यों के तुलना में झारखंड आगे रहेगा.
