गुमला(जारी): भीखमपुर से कोदा तक मेसर्स शौर्य कंस्ट्रक्शन एंड डेपलोमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सात किलोमीटर बन रहे सड़क का गुणवत्ता काफी घटिया है. संवेदक सड़क बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं और पीछे से सड़क उखड़ते जा रहा है. सड़क के इस घटिया निर्माण के कारण आस पास के लोगों में आक्रोश उभरने लगा है.
ग्रामीण में मरियानुस एक्का, आयोध्या सिंह, जोन कुजूर, स्वाति तिर्की, जेबियर टोप्पो, सिबरुस कुजूर, शान्ति तिर्की आदि का कहना है आजादी के बाद लंबे इंतजार के बाद बाद इस रोड का निर्माण कराया जा रहा है.
सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने और काम आरंभ होने से उन लोगों में काफी खुशी हुई, लेकिन संवेदक के घटिया निर्माण से अब आक्रोश पनपने लगा है. जिस तरह से सड़क बन रहा है, कुछ ही दिनों में उखड़ जाएगा और रोड में पत्थर आ जाएगा. सड़क में चलना मुश्किल हो जाएगा. यह सड़क से आदिम जनजाति के गांव उरैईकोना, गुड़दाकोना, बन्धकोना, धोबारी, पांची, सरंगाडीह, कोदा, सारंगाडीह, तेतरटोली आदि का संपर्क पथ है. इन गांवों के हजारों लोगों का प्रखंड मुख्यालय आने-जाने के लिए एक मात्र रास्ता है.

