मोतिहारी: केसरिया में आई बाढ़ की चपेट में विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप भी है. स्तूप परिसर पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. परिसर में आने-जाने वाला रास्ता भी पानी में डूब चुका है. स्तूप दर्शन एवं राजमाता मंदिर में पूजा अर्चना पूर्ण रूप से बाधित हो गया है.
पर्यटक स्तूप परिसर में नहीं जा सकते हैं. हालांकि लॉकडाउन के कारण आवागमन भी कम हो रहा है. वहीं, बौद्ध स्तूप के ठीक सामने एसएच-74 के समीप बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा बनाया गया कैफेटेरिया एवं पर्यटक विश्राम गृह के चारों ओर समंदर-सा नजारा है.
यहां बता दें कि केसरिया प्रखंड का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है. चंपारण तटबंध के अंदर की स्थिति और भी भयावह है. लोग तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं. वहीं, तटबंध के इस पार भी कई पंचायत बाढ़ की चपेट में हैं. स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.

