BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

लॉकडाउन में मिट्टी के बर्त्तन की बिक्री बंद, कुम्हारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति

by bnnbharat.com
May 2, 2020
in समाचार
लॉकडाउन में मिट्टी के बर्त्तन की बिक्री बंद, कुम्हारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति
Share on FacebookShare on Twitter

चतरा: चतरा जिले के लगभग मिट्टी के बर्त्तन और दीये बनाने वाले कुम्हार जाति का हाल इन दिनों काफी खस्ता है. इनके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्त्तन की न तो ब्रिकी हो रही है और न ही उनके सामान का बाजारों में कोई स्थान है. कारण है कोरोना संक्रमण और उसके कारण लागू लॉकडाउन. ऐसे में अब मिट्टी के व्यवसाय से जुड़े लोगों को भुखमरी की चिंता सताने लगी है.

जिले में दिनरात हाड़तोड़ मेहनत कर मिट्टी के बर्तन बनाने में जुटे कारीगर इन दिनों भुखमरी के कगार पर है. स्थिति यह है कि इनके समक्ष अब भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इनके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन का न तो खरीददार मिल रहे हैं और न ही बाजारों में निर्यात की व्यवस्था है.

कारण है वैश्विक महामारी के कारण देश मे लागू लॉकडाउन व्यवस्था. लॉकडाउन के कारण इनके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन घरों में रखे-रखे ही न सिर्फ टूट-फुट रहे हैं बल्कि कारीगरों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. ऐसे में मिट्टी व्यवसाय से जुड़े कुम्हार जाती के लोगों के लिए न सिर्फ आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. बल्कि ये अब भुखमरी के कगार पर भी आ खड़े है.

बाजार बंद रहने के कारण इनके द्वारा निर्मित वस्तुओं की बिक्री नहीं हो पा रही है. इस स्थिति में न तो इनके घरों में अनाज का जुगाड़ हो पा रहा है और न ही अन्य जरूरत के सामान की व्यवस्था. अब इन्हें और इनके परिवार को जिंदगी बचाने की चिंता सता रही है. जिसके कारण ये खून के आंसु रोने को विवश है.

हालांकि स्थानीय मुखिया और पुलिस पदाधिकारी ये दावे जरूर कर रहे हैं कि किसी को भी भूखे पेट रहने की जरूरत नहीं है. सरकार पूरी तरह से गरीब और जरूरतमंदों के साथ खड़ी है. जल्द ही मिट्टी के कारीगरों के घर भी विशेष तौर पर अनाज पहुंचा दिया जाएगा.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए आतंरिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल होगा: मुख्यमंत्री

Next Post

घर वापसी पर प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर सुकून देकर संतुष्टि मिली: आलोक दूबे

Next Post
घर वापसी पर प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर सुकून देकर संतुष्टि मिली: आलोक दूबे

घर वापसी पर प्रवासी श्रमिकों के चेहरे पर सुकून देकर संतुष्टि मिली: आलोक दूबे

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d