ज्योतसना
खूंटी: गुमला जिला अंतर्गत बसिया प्रखंड के टेंगरा गांव का बेटा संतोष गोप देश के लिए शहीद हो गया. इस खबर से झारखंड सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई. किसान परिवार का बेटा जो खुद भी सैनिक बनने पूर्व एक किसान था. पहले किसान बन कर धरती माँ से प्रेम किया और फिर अपनी कुर्बानी देकर, धरती मां की रक्षा की.
खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग में सोमवार को शहादत को नमन करते हुए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. इस दौरान शिक्षकों व सभी छात्र छात्राओं ने मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की . संस्थान के शिक्षक सह निदेशक सकलदीप भगत ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि रही है और देश के लिए शहादत इस धरती की परंपरा है परंतु कुर्बानी बेकार न जाये इसके लिए सरकार व सेना को कड़ा कदम उठाना चाहिए,लगातार पाकिस्तान गलत कर रहा है. इसका जवाब दिया जाना चाहिए .
डॉ डी एन तिवारी ने कहा कि संतोष जी की शहादत दर्दनाक है, लेकिन वे अपनी जान देकर देश-राज्य के उन सपूतों में शामिल हो गये हैं जिनका नाम हमेशा अमर रहेगा. यह शहीद के परिजनों के साथ-साथ पूरे देश के लिए मुश्किल घड़ी है. संस्थान के शिक्षक बसंत भगत ने कहा कि शहीद विजय सोरेंग के शोक से अभी राज्य उबरा नहीं था, दशम फाल में हुए मुठभेड़ में शहीद जवानों का गम गया नहीं था कि ये एक और शहादत दिल को झकझोर दिया है. दुख तो है मगर गर्व भी है . आतंक और उनके सरपरस्तों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाये, यह देश का बच्चा-बच्चा चाहता है. पूरा देश आतंक के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है.

