रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि के मौके पर रांची स्थित कांग्रेस भवन में एक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नमन किया गया.
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव के साथ कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण की, दीप प्रज्वलित किया एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा वल्लभ भाई पटेल एक भारतीय बैरिस्टर और राजनेता थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक थे और साथ ही भारतीय गणराज्य के संस्थापक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए कड़ा संघर्ष किया था और देश को एकता के सूत्र में बांधने में उन्होंने काफी योगदान दिया था.
उन्होंने भारत को एकता के सूत्र में बांधने और आजाद बनाने का सपना देखा था. आजादी के बाद विभिन्न रियासतों में बिखरे भारत के भू राजनीतिक एकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए पटेल को भारत का बिस्मार्क और लौह पुरुष भी कहा जाता है. भारत के देश भक्तों में से एक अमूल्य रत्न सरदार पटेल को भारत सरकार ने सन 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया.
आज सरदार वल्लभभाई पटेल हमारे बीच नहीं है, लेकिन उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा.15 दिसंबर आज उनकी पुण्यतिथि पर हम अपनी भावांजलि श्रद्धा सुमन के साथ शत शत नमन करते हैं.1947 के बाद भारतीय स्वतंत्रता के पहले 3 वर्षों के दौरान सरदार बल्लभ भाई पटेल उप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, सूचना मंत्री और राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था, भारत की आजादी के वक्त 565 रियासतों में बंटे हमारे देश को सरदार पटेल ने गृह मंत्री के रूप में भारतीय गणतंत्र में शामिल कराया और इस तरह अखंड भारत के सूत्रधार का गौरव हासिल किया.

