रांचीः ओरमांझी जैविक उद्यान में गुरुवार को फिर एक घटना घट गई. उद्यान में मौजूद सम्राट नाम से मशहुर हाथी की मौत हो गई. सम्राट की मौत कैसे हुई इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. फिलहाल जू प्रबंधन इसकी जांच में जुटा हुआ है. लगभग दो सप्ताह पहले एक युवक को बाघिन ने अपना निवाला बना दिया था, इससे उद्यान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
कई जांच के आदेश भी दिए गए हैं
ओरमांझी जैविक उद्यान के कुप्रबंधन पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जू ऑथिरिटी ऑफ इंडिया में की गई शिकायत के बाद जैविक उद्यान में कई तरह के जांच के आदेश दिए गए थे, जिसमें वाइल्ड लाइफ विंग ने लीपापोती कर दी. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जैविक उद्यान ने निर्देशक का फुल टाइमर होना जरूरी है. जबकि वर्तमान में निर्देशक अतिरिक्त प्रभार में है.
बोकारो के आरसीसीएफ वेंकेटेश्वर जू ओरमांझी जैविक उद्यान के अतिरिक्त प्रभार में हैं. इससे पहले वाइल्ड लाइफ विंग ने जैविक उद्यान में एसीएफ रहे पी.के अग्रवाल को हटाकर ट्रेनिंग में भेज दिया था.
जनवरों की तस्करी का मामला भी
जू ऑथिरिटी ऑफ इंडिया ने जैविक उद्यान में हो रहे जानवरों के अंगों की तस्करी की भी जांच का आदेश दिया था, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. जानबूझकर उद्यान में निर्देशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इस साल कुप्रबंधन के कारण कई हाथी भी मौत के शिकार हो गए. वहीं पीटीआर में बाघिन की मौत पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
जू के डॉक्टर के खिलाफ भी शिकायत
ओरमांझी जैविक उद्यान के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं. लगभग दो साल पहले कुप्रबंधन के कारण जू के हाथी ने वहां के कर्मी महेंद्र को कुचल कर मार डाला था. इस मामले को भी विधानसभा में रखा गया था. इस पर जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक इसकी पूरी जांच नहीं हो पाई है.

