रवि सिंह,
गोरखपुर: पीड़ित सफाई कर्मचारी ने नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र लिखकर दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही तथा नौकरी बहाली की मांग की है. राधेश्याम बासफोड और उसकी पत्नी बबीता देवी वार्ड नम्बर 13 शिवपुर शाहबाज गंज पादरी बाजार में सफाई कर्मचारी (मेट) के पद पर कार्यरत था. वह पिछले 10 वर्षों से वार्ड नम्बर 13 में सफाई का कार्य करता आया है.
पीड़ित सफाई कर्मचारी ने उक्त वार्ड का सरकारी सफाई सुपरवाइजर सगीर पर आरोप लगाया है कि हर माह 1500 रू के हिसाब से हमारा और पत्नी का तीन हजार रु. घूस मांगता है और घूस ना देने पर पति पत्नी को नौकरी से निकाल दिया.
पीड़ित ने इसकी शिकायत सफाई इंस्पेक्टर एस. एस. गुप्ता से की थी मगर वहां भी उसको न्याय नहीं मिला. इन्होंने सरकारी सफाई सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि फर्जी मास्टर रोल तैयार कर निगम को चुना लगाने का कार्य कर रहा है. उसने यह भी कहा कि मेरे और पत्नी के स्थान पर पांच -पांच हजार रूपए प्रति माह कमीसन पर सोनू पुत्र शंकर और संतोष नामक युवक को रख लिया जो बिना काम किए घर बैठे वेतन लेते है.
इस फर्जीवाड़े में सगीर का एक सहयोगी निसार खान उर्फ नन्हे है, जो शहरी आजीविका केंद्र (सी एल सी) का कर्मचारी है. कर्मचारियों को अपने ऑफिस में बुलाकर डराता धमकाता है, और कहता है कि सगीर के हिसाब से नहीं चलोगे तो तुम्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा.
पति-पत्नी के नौकरी से निकाले जाने से परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है. पीड़ित इधर-उधर दौड़कर थक हार कर नगर आयुक्त गोरखपुर से गुहार लगाया है. देखना है कि निगम का करोड़ों रू. का चूना लगाने वाले फर्जीवाड़े तरीके से कमाई करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही हो पाएगी. क्या विभाग इन भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्यवाही करेगी. क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा या रसूख वाले अपने सत्ता और पहुंच का फायदा उठा कर मनमानी करते रहेंगे, वो तो आने वाला समय ही बताएगा.

