रांची : सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने जमीन और फ्लैट के नाम पर ठगी करने के एक मामले में संजीवनी बिल्डकॉन के एमडी जेडी नंदी की दूसरी पत्नी अनामिका नंदी की सजा बरकरार रखी है. गौरतलब है कि सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी परमानंद उपाध्याय ने 9 दिसंबर 2019 को अनामिका नंदी को ठगी से जुड़े एक मामले में तीन साल की कैद एवं आठ हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी. उसी दिन अदालत ने ऊपरी अदालत में अपील दायर करने के लिए जमानत की सुविधा प्रदान की थी. सजा को चुनौती देते हुए अनामिका नंदी ने जनवरी महीने में क्रिमिनल अपील दायर की. अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा. साथ ही उसकी अपील को खारिज कर दिया गया. गौरतलब है कि जमीन देने के नाम पर धोखाधड़ी करने को लेकर लोअर बाजार निवासी रामनंदन प्रसाद ने 2012 में कोर्ट केस किया था. आरोप था कि कि संजीवनी बिल्डकॉन ने जमीन के नाम पर 4.32 लाख रुपये लिये थे, लेकिन जमीन नहीं दी. जिस प्लॉट का नाम बताया, वहां खाली जमीन नहीं थी. जब पैसा वापस मांगा तो नहीं दिया. कोर्ट केस के तहत अदालत के आदेश पर लोअर बाजार थाना में कांड संख्या 297/12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में इस मामले को सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया था. सीबीआई ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2013 में चार्जशीट दाखिल की थी.

