नेमरा.गुरुजी शिबू सोरेन के संस्कार भोज को लेकर पूरे नेमरा गांव में भव्य तैयारियां की जा रही हैं। संथाली और स्थानीय पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप इस भोज में दही-चूड़ा-गुड़ से लेकर सैकड़ों तरह के पारंपरिक और विशेष व्यंजन परोसे जाएंगे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार इस भोज में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी अनुसार बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है।
पंडालों में होगा भोजन
संस्कार भोज के लिए पांच विशाल वाटरप्रूफ पंडाल बनाए जा रहे हैं।
प्रत्येक पंडाल का आकार लगभग 3,600 वर्ग फीट होगा।
इनमें से चार पंडाल आम लोगों के लिए और एक पंडाल विशिष्ट व अति विशिष्ट अतिथियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
एक पंडाल में एक समय में 2,000 लोगों के बैठने और भोजन करने की व्यवस्था होगी।
पांचों पंडाल मिलाकर एक साथ 10,000 लोग भोजन कर सकेंगे।
भीड़ चाहे जितनी भी आए, मेहमानों को सुव्यवस्थित तरीके से भोजन कराने की संपूर्ण तैयारी है।
हजारों हाथ जुटे व्यवस्था में
भोज को भव्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक रसोइए, वेटर और मजदूर लगाए गए हैं। रांची और बंगाल से आए अनुभवी कुक अलग-अलग व्यंजन तैयार करेंगे। वहीं हर पंडाल के अंदर टेबल पर बैठकर मेहमानों को वेटर खाना परोसेंगे।
व्यंजनों की लंबी श्रृंखला
भोज के मेन्यू में पारंपरिक से लेकर विशेष व्यंजन शामिल किए गए हैं।
दही-चूड़ा-गुड़, हरी साग-सब्जी, दाल तड़का, बैंगन भाजी, आलू-बैंगन, कोंहड़ा-आलू, मिक्स-भेज, मटर-पनीर
पूरी, कचौड़ी, बुंदिया, रायता और विभिन्न तरह के मिष्टान्न
साथ ही मांस-भात की विशेष व्यवस्था भी रहेगी।
इस भोज में हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है। अति विशिष्ट अतिथि, विशिष्ट अतिथि और आम अतिथियों के लिए अलग-अलग पंडाल व व्यवस्था की गई है।
300 क्विंटल मांस की तैयारी
संस्कार भोज में मांसाहारी व्यंजन की भी विशेष तैयारी की गई है। इसके लिए 300 क्विंटल मांस उपलब्ध कराया जाएगा। गुरुवार को लगभग 5,000 बकरा-खस्सी ट्रकों के माध्यम से नेमरा गांव लाए गए। ये बकरे गढ़वा, पलामू, चतरा, गोड्डा, जामताड़ा सहित कई जिलों से मंगाए गए हैं।
👉 इस तरह गुरुजी शिबू सोरेन के संस्कार भोज में परंपरा, भव्यता और सुव्यवस्थित तैयारी का अद्भुत संगम दिखाई देगा। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा, बल्कि गुरुजी के प्रति लोगों के गहरे सम्मान और श्रद्धा का भी प्रमाण होगा।

