रांची:- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन सोमवार को विधायक सरयू राय ने झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच की गतिविधियों पर सवाल उठाये. इस संबंध में सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है और दो महीने के अंदर फलाफल नहीं निकलता है, तो फिर देखेंगे, किस एजेंसी से जांच करायी जा सकती है.
सरकार की ओर से लिखित उत्तर में यह भी जानकारी दी गयी कि तत्कालीन अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा झारखंड द्वारा माह नवंबर 2017 और जनवरी 2018 में भवन निर्माण विभाग के सचिव से लिखित अनुरोध पर विशेष शाखा के कार्य के लिए दो सरकारी भवन फरवरी 2018 में आवंटित कराया गया था, जिसमें एक भवन में विशेष शाखा का कार्यालय चल रहा था और दूसरे भवन में एक गैर सरकारी व्यक्ति आवासित था. किसी गैर सरकारी व्यक्ति द्वारा विशेष शाखा की अनाधिकृत गतिविधियां संचालित किये जाने के संबंध में कोई प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है. उक्त गैर सरकारी व्यक्ति के द्वारा कुछ सरकारी सुविधाओं का उपयोग किये जाने के संबंध में कुछ तथ्य सामने आये हैं, जिनकी समीक्षा पुलिस विभाग द्वारा की जा रही है.
विधायक सरयू राय द्वारा पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग, सीआईडी में भी उस दौरान ऐसी ही चल रही गतिविधियों और फोन टेपिंग एवं अन्य अनाधिकृत कार्य संचालित होने के सवाल पर गृह विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इस संबंध में 18जुलाई 2020 को डोरंडा थाना कांड संख्या 189/20 दर्ज किया गया है, जिसमें जांच चल रही है. हालांकि गृह विभाग की ओर से यह भी साफ किया गया है कि विशेष शाखा में अवैध गतिविधि की कोई सूचना नहीं है. इस संबंध में सीआईडी द्वारा डोरंडा थाना में भादवि की धारा 166, 167, 418 और 120बी के तहत अनुसंधान किया जा रहा है और अभी जांच जारी है.
दूसरी तरफ विधायक सरयू राय ने विशेष शाखा के लिए आवंटित भवन का गैर सरकारी व्यक्ति के नाम का खुलासा करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें यह बता है कि वैद्यनाथ प्रसाद द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा था और छानबीन के क्रम में स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित डीएसपी स्तर अधिकारी समेत तीन पुलिसकर्मियों से भी इस बारे में जानकारी मिलती है.

