खान सचिव पर वन अधिनियम के नियम 2 और 3 के उल्लंघन का लगाया आरोप
रांची: झारखंड में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने सारंडा में लौह अयस्क की बिक्री को लेकर राज्य के खान सचिव के एक आदेश पर सवाल उठाया है. सरयू राय ट्वीट कर जिन सवालों को उठा रहे हैं उन पर बीजेपी के सांसद निशिकांत दूबे ने भी टिप्पणी कर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है.
पूर्व मंत्री सरयू राय ने शनिवार को फिर ट्वीट कर इस मामले में सरकार को आगाह कराया है. उन्होंने कहा कि सारंडा के सभी लौह अयस्क पट्टाधारी अब पूर्व हो चुके हैं. शेष बचे अयस्क भंडार पर अब सरकार का अधिकार है. बचे भंडार की बिक्री का आदेश देकर खान सचिव ने वन अधिनियम के नियम 2 और 3 का उलंघन किया है, जिन्हें वन स्वीकृति नहीं है,जिनका पट्टा रद्द-काल बाधित हो गया है उनका अब खान पर कोई हक़ है.
उन्होंने कहा है कि सारंडा के सभी लौह अयस्क पट्टाधारी अब पूर्व हो चुके हैं, शेष बचे अयस्क भंडार पर सरकार का अधिकर है. जबकि भंडार की बिक्री का आआदेश देकर खान सचिव ने वन अधिनयिम के नियम 2 और 3 का उल्लंघन किया है, जिनका पट्टा रद्द हो गया है, उनका अब खान पर कोई अधिकार नहीं है. इस पर गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकात दूबे ने सरयू राय के ट्वीट पर कहा है, – ’’आपको नहीं लगता कि यहां चोरी के साथ सीनाजोरी भी चल रहा है. ’’
इससे पहले भी सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आगाह कराया था कि खान सचिव द्वारा 18 नवंबर को एक पट्टाधारी का लौह अयस्क भंडार बेचने के लिए दिया गया. आदेश राज्य के वित्तीय हित के विरूद्ध, अनुचित,पक्षपातपूर्ण, स्वार्थ से प्रेरित और सुप्रोम कोर्ट के मेसो निर्णय की अवहेलना है.
इसके साथ ही सारंडा में लौह अयस्क की बिक्री का गलत आदेश की व्याख्या करते हुए बताया था कि एक खनन कंपनी का कारिंदा झारखंड में पड़े लौह अयस्क की बिक्री आईबीएम से तय सस्ते दर पर कराने में बिचौलिया की सक्षम भूमिका निभा रहा है. जबकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित नीलामी प्रक्रिया से बिक्री करने पर सरकार को काफी अधिक लाभ होगा.
सरयू राय ने यह भी पूछा है कि पट्टा समाप्त लीज के जिस लौह अयस्क भंडार को बेचने का आदेश खान सचिव ने दिया है, उस पट्टाधारी ने अपना 2.80 लाख टन लौह अयस्क का भंडार यस बैंक के पास गिरवी रखकर 40 करोड़ रुपए कर्ज लिया है. लौह अयस्क बिक्री से प्राप्त धन सरकार को मिलेगा या यस बैंक.

