रांची : पूर्व मंत्री सरयू राय ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आईएएस सह बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार कमीशन मांगते हैं. जांच में यह साबित हो चुका है. ऐसे में उनपर कार्रवाई होनी चाहिए. इस संबंध में उन्होंने शिकायत पत्र भी भेजा है.
राय ने कहा है कि टाटा प्रोजेक्ट लिमिटिड के एक अधिकारी अविनाश कुमार ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को एक औपचारिक शिकायत मेल से भेजा था. शिकायत में उन्होंने कहा था कि विद्युत विकास निगम का एक काम करने के एवज में 42 करोड़ रुपए का भुगतान करने की संचिका निगम के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार के पास लंबित है. वे 2.5 प्रतिशत कमीशन चाहते हैं और उनका कहना है कि इस कमीशन में मुख्यमंत्री तक की हिस्सेदारी है.
मुख्य सचिव ने इस शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन ऊर्जा सचिव वंदना ददेल को भेज दिया. वंदना ददेल ने जांच की और शिकायत को सही पाया. संबंधित संचिका की गतिविधियों के आधार पर भी शिकायत को सही पायी गयी. मुख्य सचिव ने जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया. करीब 6 महीना तक संचिका मुख्यमंत्री के पास पड़ी रही. इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस बीच वंदना ददेल की जगह पर एल ख्यागते ऊर्जा सचिव बन गए. विधानसभा चुनाव पूरा हो जाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने संचिका को इस आदेश के साथ विभाग में भेज दिया कि जांच प्रतिवेदन पर वर्तमान ऊर्जा सचिव का मंतव्य प्रात किया जाए.
मुख्यमंत्री के इस आदेश से स्पष्ट है कि उन्होंने आरोप साबित हो जाने पर भी राहुल पुरवार पर कार्रवाई नहीं किया, संचिका महीनों अपने पास रखे. मुख्य सचिव के आदेश पर जांच की अनदेखी की. यानी ई-मेल से प्राप्त शिकायत में दर्ज राहुल पुरवार का कथन सही प्रतीत होता है कि ऊर्जा विकास निगम में कमीशन खोरी का हिस्सा मुख्यमंत्री तक पहुंचता है.
वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 25 जुलाई, 2019 को इस मामले में मुख्यमंत्री की संलिप्तता का आरोप लगाया था और कार्रवाई की मांग की थी. विधायक अरूप चटर्जी ने यह विषय झारखंड विधानसभा के पिछले मॉनसून सत्र में उठाया था. हो हल्ला के कारण दिनभर विधानसभा नहीं चली. अब हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. उनके द्वारा 25 जुलाई, 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री पर लगाया गया आरोप जांच में साबित हो गया है.
राहुल पुरवार अभी भी ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक हैं. मुखमंत्री सोरेन से अपेक्षा है कि वे इस पर कार्रवाई करेंगे. इसके आलोक में ऊर्जा विभाग के अन्य घोटालों की जांच के लिए विशेष कमेटी बनाएंगे.

