नई दिल्ली : मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम फैमिली कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी है. साथ ही याचिकाकर्ता करमाला मोडेक्स को नोटिस भी जारी किया है. दरअसल, 45 वर्षीय महिला ने दावा किया था कि अनुराधा पौडवाल और उनके पति अरुण पौडवाल उसके जैविक माता-पिता हैं.
इससे पहले तिरुवनंतपुरम (केरल) की रहने वाली 45 साल की करमानला मोडेक्स ने सिंगर अनुराधा पौडवाल को अपनी मां बताया था. करमाला ने फैमिली कोर्ट में केस दर्ज करते हुए अनुराधा से 50 करोड़ रुपये हर्जाना भी मांगा था. इस मामले पर अनुराधा पौडवाल की ओर से भी प्रतिक्रिया आई थी. उन्होंने कहा कि है कि इस तरह की घटिया स्टेटमेंट का जवाब नहीं देना चाहती. ये मेरी मर्यादा के खिलाफ है. साथ ही अनुराधा की प्रवक्ता का कहना था कि यह लड़की साइको है. 1974 में उनकी बेटी कविता का जन्म हुआ था. ऐसे में करमाला कहां से आ गईं. उनके पति का जिक्र करने वाली इस लड़की को यह भी नहीं पता कि अनुराधा के पति इस दुनिया में नहीं हैं. अगर वह अनुराधा की बेटी हैं तो उन्हें अनुराधा को पैसे देने चाहिए न कि 50 करोड़ की मांग करनी चाहिए.
करमाला ने ये भी बताया कि उन्होंने अनुराधा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी सही रिस्पांस नहीं दिया. इसके बाद अनुराधा ने करमाला का नंबर ही ब्लॉक कर दिया. इसी के बाद करमाला ने कोर्ट में केस दायर किया था

