नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की याचिका पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की.
याचिका में उन्होंने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच अपने गांवों की ओर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों की दुर्दशा को देखते हुए उनके लिए तत्काल भोजन, पानी और आश्रय की मांग की थी.
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि भारत सरकार और सभी राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं.
उन्होंने शीर्ष अदालत से कहा कि वह वकील अलख आलोक श्रीवास्तव द्वारा दायर याचिका का जवाब देने के लिए हलफनामा दायर करना चाहते हैं.
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अलख आलोक श्रीवास्तव से कहा कि हम सब कुछ से निपट सकते हैं लेकिन केंद्र जो पहले से ही कर रहा है, उससे नहीं.
सीजेआई ने कहा कि पहले हम सरकार के हलफनामे को देखना चाहते हैं. जिसे उन्हें दाखिल करना है फिर हम इसपर बुधवार को सुनवाई करेंगे.

