नई दिल्लीः सात साल पहले 16 दिसंबर 2012 में निर्भया के साथ गैंगरेप कर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी.
आज उसी मामले में सुप्रीम कोर्ट दोषियों की रिव्यू पीटिशन पर सुनवाई करेगा.
सात साल पहले अंजाम दिए गए इस जघन्य मामले में दोषी करार अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पीटिशन दायर की है.
बता दें कि इस मामले में चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है. अक्षय उनमें से एक है. उसकी याचिका पर CJI एसए. बोब्दे, जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ दोपहर बाद 2 बजे सुनवाई करेगी. अक्षय ने फांसी की सजा को चुनौती दी है.
बतातें चलें सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया कांड के सभी दोषियों की याचिका को खारिज करते हुए इस कांड को ‘वहशियाना हरकत’ करार दिया था.
शीर्ष अदालत ने कहा था, ‘इस घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक ऐसी दुनिया की कहानी है, जहां मानवता के प्रति कोई सम्मान नहीं है.’
बता दें कि इस मामले में एक नाबालिग समेत छह अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया था. एक दोषी ने तिहाड़ जेल में सुसाइड कर लिया था.
मई 2017 में खारिज हो चुकी है दोषियों की दया याचिका
निर्भया कांड में दोषी करार चारों दोषियों ने फांसी की सजा के फैसले को पहले भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. शीर्ष अदालत ने मई 2017 में चारों की याचिकाएं खारिज कर दी थीं.
इनमें से एक अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पीटिशन दायर किया था. अब इस पर सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ सुनवाई करेगी.
चार दोषियों में मुकेश, अक्षय, पवन और विनय हैं. इससे पहले सितंबर 2013 में निचली अदालत ने सभी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.

