गुना: प्रायवेट विद्यालयों के संचालकों एवं प्राचार्यो की बैठक में दिए निर्देश कलेक्टर श्री कुमार पुरूषोत्तम ने जिले के समस्त प्रायवेट विद्यालयों के संचालकों एवं प्राचार्यो से कहा है कि वे शासन के निर्देशों और जारी गाईड लाईन का पालन करें.
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में परेशानियों के चलते बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए और परेशानियां खड़ी नहीं करें. उन्होंने यह बात आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रायवेट विद्यालयों के संचालकों एवं प्राचार्यो से आयोजित बैठक में कही. इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे.
उन्होंने निर्देशित किया कि कोई छात्र यदि टी.सी. की मांग करता है तो, उसे दी जाए. न्यायालयीन आदेशों का अक्षरश: पालन करें. विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 12 अगस्त 2020 तक पूरी करें.
अपने विद्यालयों की न तो गणवेश बदलें और न ही छात्रों और उसके अभिभावकों को विद्यालय की ओर से तय पुस्तकें पूर्व से तय किसी दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य करें. उन्होंने कहा कि शासन ने जनरल प्रमोशन के निर्देश दिए हैं तो निर्देशों का पालन करें.
उन्होंने प्रायवेट विद्यालयों के संचालकों की समस्याएं सुनने उपरांत स्पष्ट किया कि शासन द्वारा वर्तमान में विद्यलायों में शैक्षणिक गतिविधियां कोरोना संक्रमण के मद्देनजर स्थगित की है, कार्यालय खोलने में कोई रोक नहीं है. प्रायवेट विद्यालय अपने विद्यालय के कार्यालय खोलें और छात्रों को टी.सी. देने, नवीन एडमिशन देने आदि का कार्य करें.
किसी छात्र को परेशानी नहीं हो यह सुनिश्चित करें. समस्याओं का हल निकालें. तर्क-वितर्क में नहीं उलझें. उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से कमजोर छात्र और अभिभावकों द्वारा पैसे नही दे पाने के कारण किसी भी छात्र की टी.सी. नहीं रोकी जाए.
इसके साथ ही उन्होंने सभी विद्यालयों के संचालकों एवं प्राचार्यो से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में सोशल डिस्टेंस, चेहरे को मास्क से ढंकने और हाथ सेनेटाइज करने के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें.
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने और संक्रमण के फैलाव को रोकने तथा कोरोना संक्रमण के फैलाव की श्रृंखला को तोड़ने का यही सबसे बड़ा उपाय है और परेशानियों से बचने का तरीका भी.
इस अवसर पर उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वे शासन के निर्देशों की जानकारी जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यो एवं अशासकीय विद्यालय के संचालकों एवं प्राचार्यो को अनिवार्यत: उपलब्ध कराएं.

