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लॉक डाउन अवधि के स्कूल फीस और बस फीस माफ किये जाएं

by bnnbharat.com
April 14, 2020
in Uncategorized
लॉक डाउन अवधि के स्कूल फीस और बस फीस माफ किये जाएं

लॉक डाउन अवधि के स्कूल फीस और बस फीस माफ किये जाएं

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रांची: ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने राजधानी रांची सहित राज्य के सभी जिलों के लाखों अभिभावकों की पीड़ा, परेशानी को सामने रखते हुए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से स्कूल और बस फीस माफ करने का आग्रह किया है.

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आपसे निवेदन की है की रांची सहित राज्य के सभी जिलों के  स्कूलों में 20 -21 सत्र में कोरोना वायरस के  विश्वव्यापी महामारी के कारण राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन लगाया गया है. यह लॉक डाउन कब तक रहती है इसे कह पाना बड़ा मुश्किल है. इसको लेकर ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने मंत्री को पत्र लिखा है.

उन्होंने कहा है कि जिसके कारण अभिभावकों के सामने कई बड़ी समस्यायों के साथ साथ सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हुई है. स्कूल फीस और बस फीस जमा किया जाना क्योंकि लॉकडाउन के कारण कोई भी अभिभावक ना तो कोई काम कर पा रहें है ना ही वो अपना  बिजनेस चला पा रहे है और ना ही छोटे-मोटे धंधे करने वाले अभिभावक कहीं आ-जा पा रहे हैं. वर्तमान में अभिभावकों को अपना घर परिवार का जीविकोपार्जन करना ही एक बड़ी समस्या है.

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इन परिस्थितियों में अभिभावक कैसे स्कूल का फीस ,बस फीस जमा कर पाए यह बड़ी समस्या है क्योंकि झारखंड राज्य में ऐसे भी पिछड़ापन काफी ज्यादा है. जिले के अधिकतर छात्र-छात्राएं गरीब परिवार से आते हैं. उनके अभिभावक छोटी-मोटी नौकरी कर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं. वर्तमान में लॉकडाउन की वजह से सभी लोगों का रोजी-रोजगार प्रभावित हुआ है. बहुत से लोगों के पास अभी स्कूल फीस देने अथवा अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं. ईधर कई स्कूलों ने अभिभावकों को स्कूल और बस फीस के लिए नोटिस  देना सुरू कर दिये है, ऐसे में अभिभावक करे तो क्या करे यह सोचनीय प्रश्न हर ओर खड़ा हो गया है. इन परिस्थितियों को देखते हुए कुछ जिलों के उपायुक्त एवं वरीय पदाधिकारियों के द्वारा निकाले गए आदेशों को देखते हुए राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी करे हर जिले में ताकि मानवता के नाते और कोरोना के इस महामारी में अभिभावकों से विद्यालय बंद रहने की पूरी अवधि का स्कूल व बस फीस सभी निजी विद्यालय द्वारा छात्र/छात्राओं से नहीं लिया जाए ताकि लॉकडाउन की वजह बच्चों का पढ़ाई बाधित नहीं हो.

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