निरंजन सिन्हा,
पलामू: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौरान उत्पन्न व्यापक बेरोजगारी से ग्रामीण क्षेत्रों के दिहाड़ी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य झारखंड सरकार ने मनरेगा के तहत कई कार्य तेजी से शुरू किए गए है लेकिन बिचौलियों की नजर अब इस पर भी पड़ चुकी है,
एक तरफ जहां इस बेरोजगारी और गरीबी के दौर में लोग पेट पालने के लिए कुछ भी करने को तैयार है वहीं ये बिचौलिए , ठेकेदार संबंधित पंचायत प्रतिनिधि इत्यादि के मेल जोल से दर्जनों मजदूरों के हफ्ते भर का काम दो दिनों में मशीनों के जरिए करा दे रहे है और इस कारण राज्य सरकार की योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा.
ऐसा ही एक मामला पलामू जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड से मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आने के बाद पलामू उपायुक्त के आदेश पर गुरुवार को एसडीएम छतरपुर नरेंद्र गुप्ता ने छतरपुर व नौडीहा में जारी कई योजनाओं का औचक निरीक्षण किया. निरक्षण के दौरान नौडीहा प्रखंड पहुंचे एसडीएम ने बीडीओ के साथ खैरादोहड़ पंचायत का दौरा किया व खबर में दिखाए गए स्थल पर पहुंचे जहां पंचायत में मनरेगा कार्यों में जेसीबी के उपयोग की बात सामने आई जिसके बाद एसडीएम ने संबंधित लोगो पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए है.
वहीं इन सब बातों के उजागर होने से विचलित पंचायत के मुखिया ने एसडीएम के जाने के पश्चात नौडीहा बीडीओ के मौजूदगी में ही मामले को उजागर करने वाले पत्रकार पर झूठा मुकदमा करने की धमकी दे डाली जिसके बाद बीडीओ ने मुखिया ललन राम को फटकार भी लगाई और कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी.

