BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

रंगभेद: सूरत नहीं सीरत देंखे….

by bnnbharat.com
June 1, 2020
in Uncategorized
रंगभेद: सूरत नहीं सीरत देंखे….
Share on FacebookShare on Twitter

नीता शेखर,

“सांवली सलोनी तेरी मीठी मीठी बातें, उसमें ना जाने कहां खो गया है मेरा दिल!” यह सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है पर सच्चाई यह है कि कहने और करने में बहुत अंतर होता है. आज समाज कितना भी बदल जाता है लड़के के मन में यही ख्वाहिश होती है कि मेरी बीवी सुंदर हो गोरी हो. सांवली लड़की को बहुत कम ही लोग होते हैं जो पसंद करते हैं.

सांवली हां उसका नाम सांवली था. तीन भाइयों की छोटी बहन. सांवली सिर्फ नाम से ही नहीं रंग से भी सांवली थी, हालांकि उसके तीनों भाई गोरे थे… मां भी गोरी थी. सांवली पढ़ने में काफी होशियार थी. संस्कारी भी थी.

सांवली का संयुक्त परिवार था. सांवली की ताई जी उसको बहुत प्यार करती थी. वह हर समय उसकी तारीफ करती थी. कहती थी रंग से क्या होता है. आदमी का गुण देखना चाहिए. उसके अपने ही मां, भाई उसे हिकारत भरी नजरों से देखते थे. उन्हें अपने गोरे रंग पर काफी घमंड था. उसकी मां को भी लगता है एक तो लड़की उस पर से यह रंग कौन करेगा सांवली से शादी. उधर दादी ने भी हल्ला शुरू कर दिया अभी से लड़का ढूंढो. वरना उससे शादी कौन करेगा. सांवली के पापा भी चिंतित हो उठे.

अगर कोई परेशान था तो वह सांवली की ताई जी. जो बिल्कुल भी नहीं चाहती थी सांवली की शादी हो. वह चाहती थी सांवली पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए, जिससे कि भविष्य में उसे परेशानियों का सामना ना करना पड़े.

उन्होंने सांवली के माता-पिता को काफी समझाया, पर वह सुनने के लिए तैयार नहीं थे. सांवली भी शादी के लिए तैयार नहीं थी. उसने अपनी ताई जी से कहा था कि मुझे अभी शादी नहीं करनी है. मैं पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं. उन्होंने कहा मैं कोशिश कर रही हूं भगवान ने चाहा तो जरूर अच्छा करेगा.

अगले दिन सुबह सांवली को तैयार करके बिठा दिया गया था. इसी बीच लड़के वाले आ गए. सभी ने उन लोगों का जोरदार स्वागत किया. कुछ देर बाद लड़के वाले ने कहा कि बिटिया को बुलाइए काफी समय हो गया है. तभी उसकी ताई जी सांवली को लेकर आई. सांवली को देखते ही लड़के वालों के चेहरे पर विचित्र प्रकार के भाव आ गये. ऐसा लग रहा था मानो किसी ने जबरदस्ती वहां भेज दिया है.

वह लोग सांवली से ठीक से बात भी नहीं कर रहे थे. सांवली के पापा ने लड़के से कहा अगर तुम्हें कुछ बात करनी हो तो कर लो, पर उसने बात करने से इनकार कर दिया. उसने अपने माता-पिता से वापस चलने के लिए कहा.

लड़की वालों के ज्यादा जोर देने पर उसने कहा मैंने मां-पापा को बता दिया था मुझे गोरी लड़की चाहिए. आपकी बेटी को देख कर तो ऐसा लगता है जैसे “सरसों के खेत में भैंस” और इतना सुनते ही सांवली को बहुत आघात पहुंचा और उसने प्रण किया अब मैं जब तक अपने पैरों पर खड़ी ना हो जाऊं मैं शादी नहीं करूंगी.

सांवली पर सभी गुस्सा उतारने लगे. सांवली की ताई जी सांवली को लेकर वहां से चली गई. ताई जी ने ठान लिया था अब उसका अपमान नहीं होने देंगी, इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े.

उन्होंने घर के सभी सदस्यों को खूब खरी खोटी सुनाई. रंग हम खुद से नहीं बनाते यह भगवान की देन है. उसके गुण तो देखो… काफी बहस के बाद उन्होंने सबको सांवली को आगे पढ़ने के लिए मना लिया.

सांवली पढ़ने में होशियार थी. उसने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप कर लिया. सांवली ने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर लिया. अब उसकी नौकरी प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के पोस्ट पर लग गई थी.

अब खूब सारे रिश्ते भी उसक पास आने लगे. उसकी ताई जी सबसे ज्यादा खुश थी .जिन्होंने उसके लिए इतना संघर्ष कीया, जिसकी बदौलत वह यहां तक पहुंच गई थी. अब सब घरवाले चाहते थे कि सांवली शादी कर लें, लेकिन सांवली ने शादी से इंकार कर दिया.

उसने कहा जिस दिन में महसूस करूंगी यह लड़का मेरे काबिल है उसी दिन शादी करूंगी. मैं उन लड़कों से बिल्कुल शादी नहीं करूंगी जो रूपरंग देखकर और कुर्सी देख कर शादी करते हैं. जिस दिन मुझे सच्चा दोस्त मिल जाएगा मैं शादी कर लूंगी. यह कहकर सांवली बड़े गर्व के साथ अपने ऑफिस को चलती बनी. उसके मां-पापा, भाई सब सांवली को देखते रह गए.

आज सांवली के कॉन्फिडेंस को देख कर उसकी ताई जी ने अपने आप पर बहुत गर्व महसूस कर रही थी. आज उन्हें लग रहा था उनका जीवन सफल हो गया.

नीता शेखर(समाजसेवी)

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

घर के पीछे से घुसे चोर, नगदी समेत अन्य सामानों की चोरी

Next Post

अनलॉक- 1 में पहली ट्रेन पहुंची लखीसराय

Next Post
अनलॉक- 1 में पहली ट्रेन पहुंची लखीसराय

अनलॉक- 1 में पहली ट्रेन पहुंची लखीसराय

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d