लोहरदगा: उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में कृषि और इससे संबद्ध विभागों की बैठक हुई. बैठक में सर्वप्रथम कृषि विभाग की समीक्षा के क्रम में आत्मा की परियोजना उपनिदेशक द्वारा बताया गया कि रबी फसल के लिए 2083 क्विंटल गेहूं की मांग के विरूद्ध अब तक 536 क्विंटल गेंहू के बीज की प्राप्ति लैम्पस में हो गई है. मसूर, सरसों आदि फसलों के बीज की भी प्राप्ति की जा रही है. उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि किसानों का चयन सही तरीके से हो और बीज का वितरण किया जाय. साथ ही, अनुदान पर दी जाने वाली बीज का भी वितरण ससमय कर लिया जाय. बीज वितरण में ध्यान दिया जाय कि अच्छी खेती करने वाले क्षेत्र के जरूरतमंद किसानों को ही बीज वितरण का लाभ मिले.
केसीसी आवेदन का सत्यापन कर बैंको को भेजें
केसीसी के बिंदु पर समीक्षा करते हुए पाया गया कि किसानों के 1844 केसीसी के आवेदन बैंक स्तर और 481 आवेदन अंचल स्तर पर लंबित हैं. उपायुक्त द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अंचल में लंबित केसीसी के आवेदन का सत्यापन कर बैंकों को भेजें. साथ ही, अग्रणी बैंक प्रबंधक को भी निर्देशित करने को कहा गया कि एलडीएम विभिन्न बैंकों में लंबित केसीसी के आवेदन का निष्पादन करायें. 1844 में मात्र 335 ही आवेदन स्वीकृत हैं, जिसकी संख्या औसत से काफी कम है. यदि कोई बैंक इसमें कोताही करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. उपायुक्त ने कहा कि किसानों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है जिसमें उन्हें राशि की आवश्यकता है. अगर किसान को केसीसी का लाभ मिल जाता है तो वे कृषि कार्य के लिए बैंक से केसीसी की सहायता से ऋण प्राप्त कर सकते हैं. कोई भी अंचल अधिकारी या बैंक इसमें बाधक ना बनें. उपायुक्त द्वारा जिला गव्य विकास पदाधिकारी को भी पशुपालन कार्यों के लिए कृषकों को केसीसी दिलाने का आदेश दिया गया. साथ ही, झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के प्रतिनिधि को भी आगामी बैठकों में भाग लेने के लिए संपर्क करने का निर्देश जिला गव्य विकास पदाधिकारी को दिया गया, ताकि गव्य विकास से जुड़े कार्यों में प्रगति लायी जा सके.
टीकाकरण का कार्य नियमित चले
जिला पशुपालन पदाधिकारी को आदेश दिया गया जिले में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण का कार्यक्रम चलाया जाय. पशुओं के मुंह व खुर रोग, लंगड़ा बुखार, गलघोंटू रोग, सूकरों के स्वाईन फीवर का इलाज समय से किया जाय. जिले में उच्च प्रजाति के पशुपालन को बढ़ावा दिया जाय, ताकि यहां के किसानों को पशुपालन से भी अच्छी आय प्राप्त हो सके. जिले में कुक्कुट पालकों को कड़कनाथ प्रजाति का कुक्कुट पालन करने के लिए प्रेरित करें, जिसका मांस व्यक्ति के कोलेस्ट्रॉल स्तर को सामान्य बनाये रखने में काफी बेहतर स्त्रोत है.
अधिक से अधिक किसानों का निबंधन करायें
जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि लैम्पस में लग रहे कैंप में अधिक से अधिक किसानों का निबंधन करायें, ताकि वे अपना धान लैम्पस के जरिये सरकार को 20.50 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर सकें. इससे वे बिचैलियों के हाथों अपना धान औने-पौने दाम पर बेचने से बच जायेंगे. उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा. सरकार किसानों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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जिला उद्यान पदाधिकारी को मशरूम की खेती के लिए बेहतर व कृषि कार्यों में रूचि लेनेवाले लोगों का चयन बेहतर तरीके से करने का निर्देश दिया गया. जिला मत्स्य पदाधिकारी और सहायक भूमि संरक्षण पदाधिकारी को जिले में तालाब निर्माण के लिए बेहतर स्थानों का चयन करने का निदेश दिया. ध्यान रहे कि चयन योग्य व्यक्ति का ही हो.
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी जगमनी टोप्पो, जिला पशुपालन पदाधिकारी तपेश्वर प्रसाद साहु, जिला गव्य विकास पदाधिकारी त्रिदेव मंडल, जिला मत्स्य पदाधिकारी कमरुज्ज्मां, जिला उद्यान पदाधिकारी एमलेन पूर्ति, सहायक भूमि संरक्षण पदाधिकारी विनय, आत्मा की परियोजना उप निदेशक तृप्ति तिर्की व अन्य उपस्थित थे.

