दुमका:- जिले के गोपीकांदर प्रखंड के गोपीकांदर गांव में गुरुवार को पुत्र का शव देखने के बाद सदमे से पिता ने भी दम तोड़ दिया. वहीं बुधवार को गांव के ही 70 वर्षीय विनोद बिहारी दास की मौत हो गई. हालांकि पिता पुत्र की मौत का कारण हृदय गति रोकना बताया जा रहा है, लेकिन गांव के लोग इसे कोरोना संक्रमण से हुई मौत बता रहे हैं. ग्रामीणों की मांग पर दोपहर को गांव को सैनिटाइज भी किया गया.
गोपीकांदर गांव के 40 वर्षीय महेंद्र मंडल उर्फ मंतोष की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई. स्वजन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने रेफर कर दिया. सिउड़ी अस्पताल में इलाज के क्रम में रात को मंतोष ने दम तोड़ दिया. जब जवान बेटा का शव घर पहुंचा तो 70 वर्षीय पिता हेमनारायण के पैर भी डगमगा गए. बेटे का शव देखने के बाद पिता हेमनारायण की तबीयत खराब हो गई. बेटा दिलीप मंडल पिता को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर जा रहा था कि काठीकुंड के पास उन्होंने दम तोड़ दिया. दोनों पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार गोपीकांदर श्मशान घाट में कर दिया गया. इससे पूर्व बुधवार को पूर्व मुखिया हेम नारायण मंडल की भी बीमारी से मौत हो गई. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज घर में ही चल रहा था. मृतक मंतोष के बड़े भाई दिलीप मंडल ने बताया कि भाई दिल की बीमारी के अलावा कई अन्य रोग ग्रसित था. उसका इलाज भी चल रहा था. भाई की मौत को पिता बर्दाश्त नहीं कर सके. पिता भी हृदय की बीमारी से ग्रसित थे.
ग्रामीणों की मांग पर गांव को किया गया सैनिटाइजः
दो दिन में तीन लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों को इस बात का डर सताने लगा कि कहीं मौत के पीछे कोरोना तो नहीं है. सभी ने बीडीओ से मिलकर गांव को सैनिटाइज कराने की मांग की. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने गांव जाकर पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया.
गोपीकांदर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विकास कुमार ने बताया कि तीनों का बाहर इलाज चल रहा था. मौत के कारण का अभी तक पता नहीं चला है. स्वजन बीमारी से मौत बता रहे हैं. ग्रामीणों की मांग पर गांव को सैनिटाइज किया गया है. उनके सैंपल लेने का भी काम शुरू होगा.

