रांची : दो वर्षों के बाद रांची विश्विद्यालय में सीनेट की बैठक शुक्रवार को आयोजित की जा रही है बैठक शुरुआत से ही हंगामे भरा रहा है , सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सीनेट सदस्यों ने बैठक का विरोध करना शुरू कर दिया सीनेट सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि जब तक सचिव नहीं आएंगे तब तक बैठक नहीं होने दी जाएगी।
देखें वीडियो:-
सदस्यों का कहना है कि हमेशा ही उच्च शिक्षा सचिव सीनेट की बैठक से भागते रहे हैं । ऐसे में सीनेट का सदस्य उन्हें क्यों रखा गया है जिसके बाद वे वंही धरने पर बैठ गए हंगामा बढ़ता देख विश्विद्यालय कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय के आश्वासन के बाद सदस्य धरने से उठे ।

तब जाकर बैठक की शुरुआत की गई । कुलपति डॉ .रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक की गयी , बैठक की शुरुआत सांस्कृतिक गीत से हुई । बता दें कि सदन की शुरूवात होते ही रांची विश्विद्यालय अंतर्गत वीमेंस कॉलेज के जमीन पर बनाये गए मॉल के मामले को सदन में सदस्यों ने उठाया और सवालो का दौर चलने लगा।

वंही इस मामले पर विश्विद्यालय प्रशासन के ओर से जवाब देते हुए कहा की रांची वोमेन्स कॉलेज को ज़मीन के मालिक ने हॉस्टल चलाने के लिए ज़मीन दी थी जिसके बाद उनके द्वारा कोर्ट के माध्यम से केस लड़कर ज़मीन को खाली कराया गया था ।
ज़मीन खाली कराने के बाद ज़मीन को दूसरे से बेच दिया गया जिसने ज़मीन लिया उन्होंने ज़मीन का व्यवसाय उपयोग किया । इससे विश्विद्यालय प्रबंध का लेन देन नही । वंही दूसरा मुद्दा विश्विद्यालय अंतर्गत जेएम कॉलेज , रामलखन यादव कॉलेज कॉलेज और एसएस मेमोरियल कॉलेज के लिए ज़मीन अधिग्रहण करना , जिसके जवाब में कहा गया है कि उसके लिए जमीन मालिक से बात हुई है वे छात्रों के हित मे बाजार मूल्य से कम में ज़मीन देने के लिए सहमत है , अगर सरकार उसमे सहमति देगी तो विश्विद्यालय प्रशासन प्रयास करके जल्द से जल्द इसे पूरा कर किया जाएगा ।

बैठक के दौरान हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि चाहे सरकार के स्तर से ज़मीन अधिग्रहण का मामला हो या शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई मामला हो छात्र हित मे छात्रों के भविष्य को देखते हुए विश्विद्यालय और सरकार के बीच एक कड़ी का काम करेंगे ताकि वर्षो से लंबित मामलें का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके ।

