सरायकेलाः सरायकेला- खरसावां के एसपी मो. अर्शी हार्डकोर नक्सली महाराज प्रमाणिक के पैतृक गांव दारूदा पहुंचे, जहां उन्होंने महाराज प्रमाणिक के माता-पिता और भाई से मुलाकात कर होली की शुभकामना दी. उन्होंने महाराज प्रमाणिक के माता- पिता से बेटे को अपने बेटे से मुख्यधारा में लौटने की अपील की. नक्सलियों के लिए तैयार सरकार की पुनर्वास नीति के बारे में भी बताया. माता-पिता से कहा कि वे अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए मनाएं. जिससे वह एक बेहतर जिंदगी शुरू कर सके. उस पर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है. ऐसे बहुत से लोग हैं, जो सरेंडर के बाद बेहतर जीवन जी रहे हैं. एसपी ने समाज से भटके युवाओं के लिए परिवार को एक महत्वपूर्ण अंग बताया और कहा कि कोई भी माता-पिता नहीं चाहता कि उसका बेटा नक्सलवाद के रास्ते पर जाए.
मो अर्शी ने कहा कि कोई भी माता- पिता अपनी संतान को सरकारी अधिकारी या एक सफल इंसान या देश का एक अच्छा नागरिक के रूप में देखना चाहता है. किसी भी माता-पिता के लिए बहुत दुखद क्षण होता है जब उसकी कोई संतान नक्सलवाद या उग्रवाद जैसे दलदल में फंसा हुआ होता है. वहीं दूसरी ओर महाराजा प्रमाणिक के परिवार वाले इस त्यौहार के अवसर पर जिले के एसपी को अपने साथ अपने घर पर देख कर काफी हर्षित व उत्साहित दिखे. उन्होंने भटके हुए युवाओं से समाज की मुख्यधारा में लौटने और परिवार का सहारा बनने की अपील की. वहीं नक्सली महाराज प्रमाणिक के माता-पिता ने भी अपने बुढ़ापे का हवाला देते हुए अपने बेटे से मुख्यधारा में लौटने की अपील की. उसके बाद एसपी गोरांगकोचा पहुंचे, जहां उन्होंने मदरसे के बच्चों के बीच मिठाई बांटी. उन्होंने मदरसे के बच्चों को होली की महत्ता बताई. उन्होंने बताया कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब धार्मिक भेदभाव भूल एक होकर एक दूसरे के पर्व त्योहारों को भाईचारे के साथ मनाएं. उन्होंने मदरसा संचालकों को बच्चों को प्रेम और भाईचारे की पढ़ाई पढ़ाने की सलाह दी.

