शशिभूषण दूबे कंचनीय
यूपी : उप्र पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन केंद्रीय कार्यसमिति की एक आवश्यक बैठक एसोसिएशन फील्ड हॉस्टल कार्यलय में संपन्न हुई. जिसमे अनेको ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा हुई. जिसमे कहा गया कि प्रमुख रूप से सभी बिजली कंपनियो में कम से कम एक दलित अभियंता को निदेशक के पद पर चयन जरूर कराया जाए क्योंकि सभी बिजली कंपनियों में कुल कार्यरत लगभग 30 निदेशकों में कोई भी दलित अभियंता विगत 8 वर्षो से नहीं है. जहां पिछड़े वर्ग के अभियंता निदेशक नहीं है उन्हे भी प्रतिनिधित्व दिया जाय. 1986 बैच व 1987 बैच के दलित अभियंताओ का नियमानुसार नियुक्ति के समय सलेक्शन लिस्ट के अनुसार उनकी वरिष्ठता निर्धारित की जाए. वर्तमान इन दोनों बैचों में दलित अभियन्तावो की वरिष्ठता नीचे देकर उनको मुख्य अभियंता न वनने देने की साजिश की गयी है. वर्तमान में 1992 बैच के अभियंताओं को प्रमोट होना है जो दलित अभियंताओ का ही पूरा बैच है जिसके अधिकतर अभियंता ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात है जिन्हे आये दिन साजिश के तहत उच्चाधिकारी दंड देने की सिपारिश करते रहते है जिससे वह प्रमोट न हो इस पर प्रबंधन विशेष ध्यान दे । सभी कम्पनियो में विशेष तौर पर प्रशाशन में कमसे काम एक दलित अभियंता को तैनाती जरूर दी जाए.
उ0प्र0 पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री योगेश कुमार उपाध्यक्ष एसपी सिंह पीएम प्रभाकर अतरिक्त महासचिव अनिल कुमार सचिव आर पी केन, संघटन सचिव अजय कुमार ने कहा की वर्तमान में लंम्बे समय से दलित अभियन्त्वो के अनेको मामले जो लंबित चले आ रहे है सभी बिजलीकम्पनियो का प्रबंधन उसका निस्तारण जल्द से जल्द कराए और साथ ही साथ भेदभाव पूर्ण तरीके से उनके खिलाफ की जा रही कार्यवाहियो पर अबिलम्ब बिराम लगवाया जाए.

