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सिवरेज ड्रेनेज प्रोजेक्ट के अधूरे काम के लिए निगम ने निकाला टेंडर
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209 करोड़ की लागत से होंगे काम
जोन वन के अधूरे कार्यों को पूरा करने को लेकर नगर निगम ने नये सिरे से टेंडर जारी कर दिया है. बचे हुए कार्यों को पूरा करने में 209 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. अब नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. लेकिन, सिवरेज-ड्रेनेज का काम शुरू होने में अभी और विलंब होगा. लगभग तीन से चार माह लग जायेंगे.
जानकारी के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने में डेढ़ माह से ज्यादा समय लग जायेगा. अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में काम नहीं हो सकता है. नगर निगम ने अधूरे सीवर लाइन को पूरा करने, कांके रोड में बंद पड़े पंपिंग स्टेशन का काम और लेम में अधूरे पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा करने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगा है.
इस कार्य को करने के लिए इच्छुक कंपनियां अब जो रेट तय करेगी. उसमें से सबसे कम रेट जिस कंपनी का होगा. उसे ही निगमत: यह काम मिलेगा. लेकिन, चयनित कंपनी को अगले दो सालों के अंदर इस सीवरेज प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा. इसके बाद सीवर लाइन से संबंधित क्षेत्र के घरों को जोड़ा जायेगा. ताकि घरों में बने सेप्टिक टैंक की गंदगी सीधे सीवर लाइन से होते हुए एसटीपी तक पहुंच जाये.
ज्योति बिल्डोटेक को निगम ने कर दिया था टर्मिनेट
राजधानी के नौ वार्डों (जोन-1) में सीवरेज-ड्रेनेज का काम कर रही कंपनी ज्योति बिल्डटेक को वर्ष 2019 में रांची नगर निगम ने टर्मिनेट कर दिया था. साथ ही कंपनी द्वारा बैंक गारंटी के रूप में जमा किये गये नौ करोड़ रुपये भी जब्त करने की कार्रवाई की गयी थी.
ये सब कार्य होने थे:
- वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार, पांच, 32, 33, 34 व 35 में 207 किमी सीवर लाइन बिछायी जानी थी
- 37 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना था बड़गांई किशुनपुर में
- 10 एमएलडी का सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनना था कटहल गोंदा कांके रोड में
वर्ष 2015 में शुरू हुआ था काम:
नगर निगम ने ज्योति बिल्डटेक को वर्ष 2015 में सीवरेज-ड्रेनेज का ठेका दिया था. 359 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 14 नवंबर 2015 को किया था. 24 माह में इस प्रोजेक्ट को पूरा हो जाना चाहिए था.

