BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

मां की कब्र के बगल में सदा के लिए सो गये शहीद कुलदीप उरांव

पिता बोले-मैंने भी देखे हैं कश्मीर के हालात

by bnnbharat.com
July 4, 2020
in Uncategorized
मां की कब्र के बगल में सदा के लिए सो गये शहीद कुलदीप उरांव

मां की कब्र के बगल में सदा के लिए सो गये शहीद कुलदीप उरांव

Share on FacebookShare on Twitter

साहेबगंज: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शहीद कुलदीप उरांव का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गयी. साहेबगंज जिले के जिरवाबड़ी के वार्ड नं 12 रहने वाले शहीद कुलदीप उरांव का अंतिम संस्कार जैप-9 मुख्यालय से सटी उसकी निजी जमीन पर किया गया. जनजातीय परंपरा के अनुसार शहीद कुलदीप उरांव को उसकी मां की कब्र के बगल में ही दफनाया गया.

इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर रांची से हेलीकॉप्टर से साहेबगंज स्थित जैप-9 ग्राउंड पहुंचा, जहां सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी.  इस दौरान जिले के उपायुक्त वरुण रंजन ,पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा, डीआईजी नरेंद्र कुमार सिंह राजमहल विधायक अनंत ओझा से लेकर जिले तमाम बड़े अधिकारियों ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और अंतिम यात्रा को नगर भ्रमण भी कराया गया.

शहीद कुलदीप के पिता घनश्याम उरांव भी सीआरपीएफ 190 बटालियन से 2007 में सेवानिवृत्त हुए थे. 70 वर्षीय पिता ने बताया कि कश्मीर के हालात उन्होंने भी अपनी आंखों से देखे हैं. सीआरपीएफ में सेवाकाल के दौरान काफी दिनों तक उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में रही है. उन्होंने बताया कि गुरुवार की रात जम्मू-कश्मीर स्थित सीआरपीएफ कैंप से उनके पास फोन आया, फोन करने वाले ने उनसे यह जानकारी ली कि वे क्या करते है और प्रारंभिक जानकारी हासिल करने के बाद उन्हें पुत्र के शहीद की होने की सूचना दी गयी.

शहीद कुलदीप उरांव कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य थे. शहीद ने अपने पिता, पत्नी, एक भाई तथा 9 वर्षीय पुत्र तथा 5 वर्षीय पुत्री छोड़ गए हैं. जबकि उनकी मां का निधन भी वर्ष 2017 में हो गया था. शहीद के दो बच्चे और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है. कुछ दिन पहले फोन पर कुलदीप ने छुट्टी मिलने पर घर आने पर बच्चों और पत्नी के कई मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया था. वायदे के मुताबिक वे वापस घर लौटे भी जरूर, लेकिन तिरंगे में लिपटे हुए.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन संपन्न

Next Post

भाजपा सांसद निशिकांत दूबे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है: कांग्रेस

Next Post
भाजपा सांसद निशिकांत दूबे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है: कांग्रेस

भाजपा सांसद निशिकांत दूबे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है: कांग्रेस

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d