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बैंकों के निजीकरण पर बोले शक्तिकांत दास, भारत में आने वाले समय में चार तरह के बैंक होंगे

by bnnbharat.com
March 26, 2021
in समाचार
बैंकों के निजीकरण पर बोले शक्तिकांत दास, भारत में आने वाले समय में चार तरह के बैंक होंगे
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नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण (Privatization of banks) को लेकर सरकार के साथ चर्चा कर रहा है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम सरकारी बैंकों के निजीकरण को लेकर सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं, प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि आर.बी.आई. कीमत और वित्तीय स्थिरता बनाए रखते हुए अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार के लिए अपने सभी नीतिगत उपायों के उपयोग को लेकर प्रतिबद्ध है. मौजूदा दशक में भारत में प्रतिस्पर्धी, कुशल और विविध रूप वाले 4 अलग तरह के बैंकों के उभरकर आने की उम्मीद है, उन्होंने कहा कि इसमें कुछ बड़े बैंक होंगे जो देश और दुनिया में फैले होंगे.

दूसरा, अर्थव्यवस्था में व्यापक उपस्थिति वाले मध्यम आकार के बैंक होंगे. इसके अलावा लघु वित्त बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंक होंगे जो छोटे कर्जदारों की जरूरतों को पूरा करेंगे. बैंक की एक अन्य श्रेणी डिजिटल सेवाएं देने वाली इकाइयों की होगी.

दास ने टाइम्स नैटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉनक्लेव में कहा, इस समय किसी को भी पिछले साल जैसे लॉकडाऊन की आशंका नहीं है. उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को 2021-22 का बजट पेश करते हुए.

सार्वजनिक क्षेत्र के 2 बैंकों और एक साधारण बीमा कम्पनी के निजीकरण का प्रस्ताव किया था. एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक पुनरुद्धार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आर.बी.आई. के 10.5 प्रतिशत वृद्धि अनुमानों को घटाने की जरूरत नहीं लगती.

सेवाओं की बेहतर डिलिवरी के लिए वित्तीय क्षेत्र में नवप्रवर्तन की जरूरत पर बल देते हुए आर.बी.आई. गवर्नर ने नवोन्मेष को बढ़ावा देने वाले प्रभावी नियमन का आह्वान किया. उन्होंने कहा, आर.टी.जी.एस. और एन.ई.एफ.टी. की सुविधा अब 24 घंटे उपलब्ध है. आर.टी.जी.एस. में विभिन्न मुद्राओं में लेन-देन की क्षमता है. इस बात की संभावना पर विचार करने की जरूरत है कि क्या इसका दायरा भारत से बाहर भी बढ़ाया जा सकता है.

दास ने कहा, रिजर्व बैंक के लिए प्रभावी नियमन प्राथमिकता है और कायदा-कानून ऐसे नहीं होने चाहिएं जो वित्तीय प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करे. उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत पूंजी आधार के साथ बैंक क्षेत्र की वित्तीय सेहत, नैतिक मानदंडों के साथ संचालन व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है. दास ने कहा कि ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन की महत्वपूर्ण भूमिका है. लोगों को प्रत्यक्ष अंतरण लाभ पहुंचाने के लिए 274 करोड़ डिजिटल लेन-देन को सुगम बनाया गया और इसमें ज्यादातर महामारी के दौरान हुए.

क्रिप्टो करंसी के बारे में उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बैंक इस संदर्भ में वित्तीय स्थिरता को लेकर ङ्क्षचताओं का आकलन कर रहा है. दास ने कहा कि हमने क्रिप्टो करंसी को लेकर अपनी ङ्क्षचताओं से सरकार को अवगत कराया है, इस पर विचार किया जा रहा है. सरकार इस पर निर्णय करेगी. मुझे नहीं लगता कि क्रिप्टो करंसी पर आर.बी.आई. और सरकार की राय में कोई अंतर है.

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