राँची.झारखंड की राजनीति और आदिवासी अस्मिता के सबसे बड़े प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में 16 अगस्त 2025 को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में संस्कार भोज का आयोजन हुआ।
इस मौके पर लगभग दो लाख से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया। संताली परंपरा के अनुसार पूरा आयोजन किया गया और पाँच विशाल पंडालों में श्रद्धालुओं व अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।

✈️ VIP के लिए विशेष इंतज़ाम
इस अवसर पर VIP आगंतुकों के लिए चार हेलिपैड बनाए गए। पंडालों में एसी-कूलर, बैठने और सुरक्षा की व्यवस्था रही। आयोजन स्थल पर व्यवस्था इतनी भव्य थी कि यह किसी बड़े महाकुंभ जैसा लग रहा था।
👥 कौन-कौन आए
संस्कार भोज में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता एवं गणमान्य अतिथि पहुँचे।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
झारखण्ड के राजयपाल संतोष गंगवार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
योग गुरु बाबा रामदेव
पप्पू यादव सांसद पूर्णिया
इसके अलावा कई सांसद, विधायक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों आमजन भी मौजूद रहे।
नेमरा गांव में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि जल-जंगल जमीन की रक्षा करने वाले महापुरुष शिबू सोरेन झारखंड ही नहीं पूरे देश के लिए एक आदर्श थे। झारखंड राज्य बनाने के लिए काफी संघर्ष किया। गुरुजी के संघर्षों को युगों-युगों तक याद किया जाएगा।

- 🍲 भोज और सामूहिक भागीदारी
भोज पूरी तरह संताली रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ।
गांव के हर घर से लकड़ियाँ भेजी गईं और उस दिन गांव में किसी घर का चूल्हा नहीं जला।
दही-चूड़ा, गुड़ और विभिन्न परंपरागत व्यंजन परोसे गए।
यह न केवल श्रद्धा का प्रतीक था बल्कि सामूहिक एकजुटता का संदेश भी देता था।
💬 नेताओं के वक्तव्य
हेमंत सोरेन (मुख्यमंत्री, पुत्र):
उन्होंने कहा – “गुरुजी का सपना झारखंड की आत्मनिर्भरता और आदिवासी समाज की गरिमा थी। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
राजनाथ सिंह:
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का संघर्ष केवल झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे देश में आदिवासी समाज को पहचान दिलाई।
अन्य नेता:
सभी ने उन्हें “आदिवासी समाज की आवाज़ और झारखंड की आत्मा” करार देते हुए उनके योगदान को अमर बताया।
इन सभी नेताओं ने गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गुरुजी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन, विधायक बसंत सोरेन, कल्पना सोरेन और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिशोम गुरु की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्र के लिए अद्वितीय योगदान का स्मरण किया।

