रांची: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर देशभर में जारी लॉकडाउन में श्रमिकों को भरूच (गुजरात) से अपने राज्य झारखंड आने का सपना आज सरकारी व प्रशासनिक प्रयास से पूरा हो गया. पलामू के डालटनगंज पहुंचते ही श्रमिकों व छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते बन रहा था.
गुजरात के भरूच से प्रवासी श्रमिकों व छात्र-छात्राओं एवं अन्य को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पलामू के डालटनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंची. इसमें पलामू के 324 सहित झारखंड के 19 जिलों के 1208 श्रमिकों व छात्र-छात्राओं की घर वापसी हुई. ट्रेन में जिलावार कोच संख्या आवंटित किया गया था.
उपायुक्त डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर पलामू जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मदद से सभी श्रमिकों को डाटनगंज रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा मानकों का अनुपालन कराते हुए सुरक्षित व सकुशल उतारा गया. प्रवासी श्रमिकों को डालटनगंज उतरने के बाद पलामू जिले के श्रमिकों को सम्मान रथ (बस) पर सवार कर चियांकी एयरफील्ड में बने सहायता केन्द्र भेजा गया, जबकि अन्य जिलों के श्रमिकों को पूरी व्यवस्था देकर उनके गृह जिलों के लिए रवाना किया गया.
पलामू के श्रमिकों को चियांकी एयरफील्ड स्थित सहायता केन्द्रों में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम द्वारा आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण कर उन्हें क्वारंटाइन किया जा रहा है.
अन्य जिलों के श्रमिकों को मेडिकल स्कैनिंग के बाद सम्मान रथ द्वारा उनका गृह जिला भेजा गया. उन्हें अपने जिला तक ले जाने के लिए सम्मान रथ के साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी, ताकि उन्हें सकुशल उनके गृह जिलों तक भेजा जा सके. सभी श्रमिकों को स्टेशन परिसर के प्लेटफार्म संख्या-1 पर बने मेडिकल सेंटर में थर्मल स्कैनर से स्कैनिंग किया गया.
इसके पूर्व हैंड सैनेटाइजर से उनके हाथों को सैनेटाइज किया गया. साथ ही उन्हें खाने का पैकेट, बंद बोतल पानी, मास्क, ओआरएस पैकेट इत्यादि सामग्री दी गयी.
स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म संख्या 3 पर रूकी थी. इसके बाद बारी-बारी कर ट्रेन के डब्बों से श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए उतारा गया. पलामू जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व रेलवे प्रशासन की तत्परता से श्रमिकों को उतारने से लेकर मेडिकल स्कैनिंग और सम्मान रथों तक सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य मानकों का विशेष ध्यान रखा गया.
सम्मान रथों से भी श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए गंत्वय तक भेजा जा रहा था. श्रमिकों को आरोग्य सेतु एप्प भी डाउनलोड कराया गया.
श्रमिकों के आगमन को लेकर डालटनगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म व स्टेशन परिसर को टैंकर व अन्य उपकरणों से सैनेटाइज किया गया था. वहीं सम्मान रथों को भी सैनेटाइज किया गया था, ताकि कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके.
पलामू उपायुक्त डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि ने स्पेशल ट्रेन से पलामू पहुंचने पर श्रमिकों को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि पलामू जिला प्रशासन श्रमिकों के कौशल विकास, स्वरोजगार व स्वास्थ्य के लिए तत्पर है. श्रमिकों के सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है. सभी के सहयोग और समन्वय से स्वस्थ व सुरक्षित पलामू की संकल्पना मूर्त रूप लेगी.
पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा डालटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां पर तैनात जवानों को आवश्यक दिशा निर्देश दिते हुए श्रमिकों को गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना करने का निदेश दिया.
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से डालटनगंज पहुंचने वाले देवघर के विशाल, पलामू के निर्मल विश्वकर्मा, संतु एवं राहुल कुमार पासवान आदि श्रमिकों ने बताया कि वे गुजरात में विभिन्न कार्यों से जुड़े थे. लॉक डाउन होने पर सभी कार्य बंद हो गये. कमरे में रहना पड़ता था. रोजी-रोटी की चिंता के साथ-साथ घर-परिवार की चिंता होने लगी थी. पैसे भी समाप्त हो रहे थे और काम मिलने की उम्मीद भी नहीं थी. उपर से कोरोना वायरस संक्रमण का भय सता रहा था.
सरकारी व प्रशासनिक प्रयास से वे लोग अपने गांव-घर लौटे हैं. इससे दिलों में बहुत खुशी है कि परिवार-समाज के बीच सकुशल वापस आ गये हैं.
श्रमिकों ने कहा कि गुजरात में मेडिकल स्कैनिंग में पता चला कि वे लोग कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित हैं और वे अपने-अपने घर जा सकते हैं. इसके बाद स्पेशल ट्रेन से अपना झारखंड आने का अवसर मिला. यहां आकर बहुत खुशी हो रही है. पलामू में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देख बहुत खुशी हो रही है कि उनके लिए पलामू प्रशासन कितनी चिंता की है.

