मुंबई: सिद्धार्थ सलाठिया को यूट्यूब सेंसेशन के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब उन्होंने गाने के साथ वापसी की है. उनका गाना ‘ बेमायने ’ रिलीज हो गया है!
गाने को सिद्धार्थ सलाठिया ने कंपोज किया है और सिंक रिकॉर्ड्स द्वारा प्रस्तुत किया गया है. अभी तक उन्हें एक रीमिक्स किंग समझा जाता था, लेकिन यह पहली बार है जब वे अपना खुद का गीत लेकर आ रहे है, जिसको उन्होंने लिखा है, गाया है और उसका म्यूजिक कंपोज किया है.
इसे सिंक रिकॉर्ड्स द्वारा प्रस्तुत किया गया है. सिद्धार्थ ‘तुम ही हो’ के कवर वर्सन को 10 अलग-अलग अंदाज में और 1 बीट पर 50 गानों को गाने के बाद प्रसिद्ध हुए.
वह भारत में सबसे अधिक सब्सक्राइब किए जाने वाले Youtube गायकों में से एक हैं. उन्हें 2016 में चेन्नई में “सोशल मीडिया हीरो” पुरस्कार मिला. वह 1 मिलियन से अधिक अनुयायियों के साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बहुत लोकप्रिय है.

1.सॉन्ग ‘बेमायने’ रिलीज हो चुका है, इसे प्रसंशक काफी पसंद कर रहे है. इसके बारे में आपका क्या कहना है?
Ans: हां , फैंस को गाना काफी पसंद आ रहा है. काफी फैंस ने तो इस गाने का कवर वर्शन बनाकर भी भेजा है. मैं अपने सरे फैंस आपके माध्यम से धन्यवाद करना चाहता हूं. गाना रिलीज होते ही लीजेंड सोनू निगम जी ने इस गाने और मेरे सपोर्ट में एक ब्लॉग बना दिया. यह मेरे लिए किसी भी अवार्ड से बढ़कर है.
2. सिंगिंग लेजेंट सोनू निगम ने आपके इस गाने की काफी तारीफ की है,उनका पूरा सपोर्ट मिल रहा है. आपको कैसा फील हो रहा है?
Ans: हम सिंगर सातवें आसमान पर पहुंच जाते है अगर सोनू जी हमारी द्वारा गाई हुई एक भी लाइन सुन लेते हैं. और यहां तो उन्होंने मेरे सपोर्ट में पूरा एक वीडियो बना दिया. सोनू जी अपने आप में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट है. इतने महान आर्टिस्ट जो कि मेरे आइडियल हैं उनका सपोर्ट मिल गया यह मेरे लिए सबसे बड़ा अवार्ड है. इससे मुझे बहुत प्रोत्साहन मिला है. मैं अपना ओरिजनल इंडिपेंडेंट काम करता रहूंगा और अपनी इंडिपेंडेंट फैन फॉलोइंग को आगे बढ़ाता रहूंगा.

3. बॉलीवुड इंडस्ट्री में चल रहे नेपोटिस्म के बारे क्या कहना है?
Ans: देखिये नेपोटिस्म हर इंडस्ट्री में होता है. बॉलीवुड में कुछ ज्यादा ही होता है. म्यूजिक इंडस्ट्री में नेपोटिस्म तो है पर उससे ज्यादा ग्रुपिज़्म और लॉबीज़ है ,जैसा सोनू निगम जी अपने वीडियो में बताया है अपने वीडियो में. सोनू जी के खिलाफ जिन्होंने इंटरव्यू दिया था वो सारे टी -सीरीज के आर्टिस्ट है, जुबिन नौटियाल, अमां मालिक, रोचक कोहली, मनोज मुंतसिर, रश्मि विराग.
ये कटपुतली है रिकॉर्ड लेवल के यह लोग सोनू जी को गलत सिर्फ इसलिए बोल रहे है क्योंकि यह उनसे बुलवाया जा रहा है और इनका जमीर मर चूका है. तो यही है ग्रुपिज़्म और लॉबी कल्चर. जो भी इनके खिलाफ बोलता है वे उनके खिलाफ बोलने वाली कठपुतलिया खड़ी कर देते है.
सोनू जी ने जो भी बोला उसका जीता जगता उदाहरण मैं हूं. टी-सीरीज ने मुझे 2016 में 7 साल के कॉन्ट्रैक्ट में साइन कर लिया का था जिसमे हर साल मुझे 4 फिल्म सांग और एक सिंगल मिलना था.
जब इनका सीरीज मिक्स टेप सीजन 1 बन रहा था तोह इनका मेरे पास कॉल आया था, मेरी फ्री डेट जानने के लिए. मैंने बोला, हां मैं फ्री हूं. उसके बाद उन्होंने मुझे कोई कॉल ही नहीं किया. फिर मैंने जब मिक्स टेप का टीजर ऑनलाइन देखा कि सरे गाने और वीडियो तो शूट हो चुके है.
मैंने इनको बहुत कांटेक्ट करने की कोशिश की पर पता नहीं इन लोगो ने मुझे सिर्फ बस नजर अंदाज करना शुरू कर दिया. और आज तक कोई काम नहीं दिया. और रही बात नेपोटिस्म की तो वह म्यूजिक इंडस्ट्री में है.
शायद मेरी कोई बॉलीवुड में कनेक्शन होता. काफी सिंगर्स ऐसे है जो सिंगर कहलाने के लायक भी नहीं है. पर फिर भी फिल्म में गाना गा रहे है. उसका कारन सिर्फ नेपोटिस्म है.
उदाहरण के लिए टी -सीरीज के ग्लोबल मार्केटिंग प्रेसिडेंट विनोद भानुशाली की बेटी ध्वनि भानुशाली, इनको फिल्मों में गाने उनके बैकग्राउंड की वजह से ही मिल रहे है, न की टेलेंट की वजह से. यह बोलने की हिम्मत कोई नहीं करता, लेकिन मेने इतना स्ट्रगल देख लिए है कि अब कोई फर्क नहीं पड़ता है. मैं सच बोलने से नहीं डरता.

