BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

बीमार पिता को साईकिल पर बैठाकर दिल्ली से गांव लौटी ज्योति की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश

पांच हजार रुपये की सम्मान राशि खाते में ट्रांसफर

by bnnbharat.com
May 22, 2020
in Uncategorized
बीमार पिता को साईकिल पर बैठाकर दिल्ली से गांव लौटी ज्योति की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश

बीमार पिता को साईकिल पर बैठाकर दिल्ली से गांव लौटी ज्योति की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश

Share on FacebookShare on Twitter

रांची: लॉकडाउन में दिल्ली से अपने बीमार पिता को साईकिल पर बैठाकर बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र अंतर्गत टेकटार पंचायत के सिरहुल्ली गांव लाने वाली ज्योति कुमारी की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश की गयी है.

रांची के पंडरा स्थित काला झंडा शनि मंदिर संस्था की ओर से 13 वर्षीय ज्योति कुमारी के इस हिम्मत पूर्ण कार्य के लिए उन्हें सम्मानित करते हुये पांच हजार रुपए की राशि उनके भारतीय स्टेट बैंक के खाते में एनईएफटी द्वारा भेज दिया गया है.

संस्था के सदस्य और शनि उपासक कैलाश साहू ने कहा कि ज्योति कुमारी को भविष्य में भी काला झंडा शनि मंदिर जरूरत पर आर्थिक सहयोग करता रहेगा और अगर ज्योति कुमारी आगे अपनी पढ़ाई करना चाहेगी तो उसमें भी उसे सहयोग किया जायेगा.

कैलाश साहू ने बताया कि 13 वर्षीय ज्योति कुमारी ने पितृभक्ति का एक अनुपम उदाहरण पेश किया और बीमार पिता मोहर पासवान को लॉकडाउन में भूख से बचाने के लिए दिल्ली से गांव ले आयी. उसने यह उसने यह यात्रा सात दिनों में पूरी की. उन्होंने कहा कि ज्योति कुमारी के हिम्मत व जज्बे को आज दुनिया सलाम कर रही है.

गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से लॉकडाउन के बीच काम बंद हो गया और दिल्ली में रोजी-रोटी और बीमारी के संकट के बीच ज्योति ने अपने पिता को लेकर गांव लौटने का निर्णय लिया गया. प्रारंभ में एक ट्रक वाले से बात की, तो उसने दो लोगों को दरभंगा छोड़ने के लिए छह हजार रुपये की मांग की, इसके बाद बेटी ने साईकिल से ही पिता को घर ले जाने का फैसला लिया. पिता ने काफी मना किया, पर बेटी नहीं मानी और इन्होंने बेटी की जिद के आगे घुटने टेक दिये. इसके बाद दोनों साईकिल से निकल पड़े. आठ दिनों की लंबी यात्रा तय कर दोनों घर पहुंच गये.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

होम डिलीवरी के लिए खुल सकते हैं रेस्टोरेंट, बैठकर खाने की नहीं होगी सुविधा

Next Post

क्वॉरंटाइन के प्रवासी मजदूरों के भोजन में कीड़ा, भड़के, किया हंगामा

Next Post
क्वॉरंटाइन के प्रवासी मजदूरों के भोजन में कीड़ा, भड़के, किया हंगामा

क्वॉरंटाइन के प्रवासी मजदूरों के भोजन में कीड़ा, भड़के, किया हंगामा

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d