रांची : राजधानी रांची स्थित करमटोली, सीरमटोली, हिंदपीड़ी और चुटिया में जरूरतमंदों को खाद्यान्न आदि उपलब्ध कराने के साथ योगदा सत्संग आश्रम ने छह हजार परिवारों तक सहायता के अपने हाथ पहुंचाए. कोविड-19 के संक्रमण
काल में लाॅकडाउन की अवधि में योगदा आश्रम ने राजधानी क्षेत्र के अलावा निकटवर्ती ग्रामीण अंचलों में खाद्यान्न और स्वच्छता किटों का वितरण कर उन परिवारों को संतुष्टि प्रदान की, जो बेहद जरूरतमंद थे.
शुक्रवार को आश्रम द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, सवा दो महीने की लाॅकडाउन अवधि में बीस हजार किलो चावल, दाल आदि सूखा खाद्यान्न, 18 हजार किलो सब्जियों सहित समुचित मात्रा में सरसों तेल, नमक व मसाले वितरित किये गये. इस दौरान संक्रमण से बचाव के लिए 15 हजार मास्क और 20 हजार साबुन टिकिया बतौर स्वच्छता किट भी उपलब्ध कराये गये. तमाम सहायता किट आश्रम परिसर में संन्यासियों और सेवकों द्वारा स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए तैयार किये गये. लुप्तप्राय क्रियायोग से दुनिया भर को परिचित कराने वाले परमहंस श्री श्री योगानंद द्वारा स्थापित इस आश्रम ने आपदा काल में पहले की ही भांति अपना सेवा कार्य चलाते हुए एक प्रचार वाहन का भी उपयोग किया ताकि जरूरतमंद परिवार एक तो सहायता के लिए संपर्क कायम कर सकें, दूसरे वे कोविड संक्रमण से स्वयं को मुक्त रखने के उपाय कर सकें. परमहंस योगानंद ने पीड़ित और जरूरतमंद मानव की सेवा को आत्म साक्षात्कार का सर्वोत्तम साधन बताया था.
आश्रम की ओर से बताया गया है कि लाॅकडाउन अवधि में पुलिसकर्मियों ने एक ओर सराहनीय ड्यूटी निभाई, दूसरी ओर वे अपनी व्यस्तता के बावजूद सहायता कार्य में संलग्न रहे. चुटिया थाने द्वारा बहुत साफ-सफाई के साथ भूखे लोगों को दिये जा रहे भोजन को देखकर आश्रम द्वारा उत्पादित सब्जियों की बड़ी खेपें उन्हें भेंट की गईं. ऐसे ही आश्रम के साधकों-अनुयायियों ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन के निकट लगातार दो महीने तक हर दिन पचास भूखे लोगों को तैयार भोजन पैकेट उपलब्ध कराया. इस पूरे सेवा काल के दौरान आश्रम से जुड़े चिकित्सकों ने हर सेवा शिविर में लोगों से कोविड से बचाव के लिए मास्क का उपयोग, एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बनाये रखने और साबुन आदि से कई बार हाथ धोने की जानकारी दी.

