गुणवत्ता सम्बन्धी सुधार के लिए शुरू हुई 25 परियोजनाएं
रांची:- देश के कुल तसर रेशम उत्पादन में झारखंड का योगदान लगभग 76प्रतिशत है. उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने आज लोकसभा में दी. रांची के सांसद संजय सेठ के सवाल के जवाब में ईरानी ने बताया कि झारखंड देश के तसर रेशम रेशम उत्पादन में 76þ का योगदान करता है. वर्ष 2019 में झारखंड में कुल 2402 मीट्रिक टन रेशम का उत्पादन किया है. मंत्रालय ने यह स्वीकार किया है कि झारखंड की जलवायु की स्थिति, अच्छा वन क्षेत्र और उपयुक्त जनशक्ति के कारण झारखंड रेशम का अग्रणी उत्पादक राज्य है. मंत्री ने कहा कि राज्य की आवश्यकता के आधार पर केंद्रीय तसर अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान रांची ने पिछले 3 वर्षों के दौरान झारखंड में तसर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तसर फूड प्लांट, रेशम कीट और कोकून से संबंधित उत्पादकता में सुधार के लिए 25 अनुसंधान परियोजनाएं शुरू की गई है. रेशम उत्पादन विभाग, झारखंड सरकार और एनजीओ के माध्यम से वान्या कलस्टर संवर्धन कार्यक्रम, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, जैसे विभिन्न कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत राज्यों को नर्सरी स्थापित करने और खाद्य पौधों बीज फसल, रिंग वाणिज्य ग्रेडिंग के साथ रेशम कीट भी उत्पादन के लिए सहायता प्रदान की गई है. बीते कुछ वर्षों में झारखंड राज्य में कच्चा रेशम के उत्पादन में वृद्धि की प्रवृत्ति दिखी है. श्रीमती ईरानी ने बताया कि 2017-18 में 2217 मीट्रिक टन सर का उत्पादन हुआ जबकि 2018-19 में 2372 मीटर का उत्पादन हुआ इसके अलावे 2019-20 में 2399 तसर रेशम का उत्पादन झारखण्ड में किया गया है.

