नई दिल्ली:- केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी रविवार को पश्चिम बंगाल के दौर पर थीं. ईरानी अमित शाह की जगह पर हावड़ा में रैली को संबोधित करने पहुंची थीं. यहां उन्होंने भाषण की शुरूआत ‘बांग्ला’ भाषा में करके सबको चौंका दिया. ईरानी का यह अवतार देखकर मंच पर मौजूद नेता भी अचंभित रह गए.उन्होंने हावड़ा में रैली को संबोधित करते हुए जमकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दीदी ‘टीएमसी जा रही है, भाजपा आ रही है.’
ममता पर निशाना साधते हुए ईरानी ने कहा कि कोविड के दौरान भाजपा नेता मदद कर रहे थे तो दीदी ने जनप्रतिनिधियों को घर में बंद करवा दिया. उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में पहली बार ऐसा हुआ कि जनप्रतिनिधियों को बंद करवाया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंगाल में जो कुछ आपने किया है, उसके लिए बंगाल की जनता आपको माफ नहीं करेगी.
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को कहा कि महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 80 करोड़ लोगों को आठ महीने तक पांच किलोग्राम चावल और एक किलोग्राम दाल देने की व्यवस्था की लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान इसे लूट लिया.
ईरानी ने पश्चिम बंगाल में कहा कि घर लौट रहे प्रवासी कामगारों के लिए ‘गरीब रोजगार योजना’ के तहत देशभर में 50 करोड़ से अधिक श्रम दिवस सृजित किए गए, लेकिन ”बंगाल में यह नहीं हुआ.” शहरों से अपने गांवों को लौटे प्रवासी कामगारों के लिए प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष जून में रोजगार योजना की शुरुआत की थी.
ईरानी ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने देश के 80 करोड़ लोगों को आठ महीने तक पांच किलोग्राम चावल और एक किलोग्राम दाल देने की व्यवस्था की लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान इसे लूट लिया.” उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने जो श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई थीं, उन्हें ममता बनर्जी ने ‘कोरोना एक्सप्रेस’ नाम दिया था. ईरानी ने कहा, ”मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे बंगाल के बेटे-बेटियों को क्या वह वायरस मानती हैं.”

