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पीएम ने 4 हफ्तों में चौथी बार देश को किया संबोधित
रांची: पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 4 हफ्तों में भीतर चौथी बार देश को संबोधित करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा. वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है. बुधवार को सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी होगी.
उनके संबोधित का साफ अर्थ है कि कहीं न कहीं बहुत से राज्यों और क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन ठीक तरीके से नहीं किया गया है. जिससे देश के कुछ जिले कोरोना के हॉटस्पॉट बन गए हैं.
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इसके साथ ही पिछले 21 दिनों की लॉकडाउन की अवधि में PM मोदी ने देश के हर राज्यों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. इसमें भी लगभग सभी राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ने का ही सुझाव दिया. साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से देश के कई नागरिकों ने भी लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की ही बात कही थी.
4 हफ्तों के भीतर यह PM का चौथा संबोधन है
PM मोदी ने पिछले चार हफ्तों में देश को चार बार संबोधित किया है.
- पहले संबोधन में उन्होंने 22 मार्च को एक दिन के जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था.
- फिर 24 मार्च को उन्होंने देश को संबोधित किया. कोरोना वायरस के खतरे और देश की चुनौतियों के बारे में बताया. साथ ही 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की.
- तीसरी बार उन्होंने वीडियो संदेश के जरिये देश को संबोधित किया और 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घर की लाइट्स ऑफ कर दीया-मोमबत्ती जलाने का आह्वान किया. साथ ही, लॉकडाउन में परेशानी झेल रहे मजदूरों से माफी भी मांगी.
- आज चौथी बार सम्बोधित करते हुए उन्होंने 3 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ने की घोषणा की.
देशवासियों के त्याग की तारीफ
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आपलोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश को बचाया है. मैं जानता हूं, आपको कितनी दिक्कतें आयी है.
किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी. कोई घर-परिवार से दूर है, लेकिन आप देश की खातिर, एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं. हमारे संविधान में जिस We the People of India की शक्ति की बात कही गई है. वो यही तो है.
बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की जयंती पर भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का ये प्रदर्शन, ये संकल्प, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है.
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लॉकडाउन के इस समय में देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं, जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार मना रहे हैं, यह बहुत प्रशंसनीय है.
आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, आप उसे भली-भांति जानते हैं. अन्य देशों के मुकाबले, भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए. आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी.
हमारा तरीका सही है- पीएम
जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था. भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी, उसे तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया.
भारत ने holistic approach न अपनाई होती, integrated approach न अपनाई होती, तेज फैसले न लिए होते तो आज भारत की स्थिति कुछ और होती. लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से ये साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, वो सही है.
अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो अभी ये मंहगा जरूर लगता है, लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती.
सीमित संसाधनों के बीच, भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनिया भर में हो रही है. इन सब प्रयासों के बीच,कोरोना जिस तरह फैल रहा है,
उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है.
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भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, इसे लेकर मैंने राज्यों के साथ निरंतर बात की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि 21 दिनों तक देश के लोगों ने एकजुटता का परिचय दिया है. लॉकडाउन का पालन किया है. कुछ समस्याएं आयी है, लेकिन देश के लोग इस कठिन परिस्थिति और आपदा की स्थिति को समझते हैं.

