नई दिल्ली: राजस्थान में वायरल ऑडियो क्लिप मामले में एसओजी ने गजेंद्र सिंह शेखावत को नोटिस जारी किया है. ऑडियो क्लिप के माध्यम से कांग्रेस द्वारा यह दावा किया गया कि गहलोत सरकार को गिराने की साजिश की गई. इस कथित ऑडियो क्लिप में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज का दावा किया है. इस मामले में SOG ने गजेंद्र सिंह शेखावत को नोटिस जारी किया है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के दिल्ली निवास पर नोटिस भेजा गया है. एसओजी ने अपने नोटिस में पूछताछ के लिए समय मांगा है.वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG)ने मेरे निजी सचिव के माध्यम से एक नोटिस भेजा है. नोटिस में, उन्होंने मुझे अपना बयान और आवाज का सैंपल रिकॉर्ड करने के लिए कहा गया है.
बता दें कि कांग्रेस ने केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाते हुए रविवार को उनके त्यागपत्र की मांग की थी. कांग्रेस नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पार्टी विधायक भंवरलाल शर्मा, गजेंद्र सिंह और संजय जैन की बातचीत के ऑडियो टेप के संबंध में एक मामला दर्ज किया है.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी थी सफाई
ऑडियो टेप के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा था कि ऑडियो फेक है. मैं मारवाड़ की भाषा बोलता हूं जबकि ऑडियो टेप में झुंझुनू टच है. जिस गजेंद्र का जिक्र किया गया है, उसका कोई पद का जिक्र नहीं है. कोई जगह तक का जिक्र नहीं है. ऑडियो जोड़-तोड़ कर भी तैयार किया जा सकता है. मैं जांच के लिए तैयार हूं.
जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहे हैं आरोपी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि जिन लोगों के नाम एफआईआर में हैं, वे पुलिस की जांच में सहयोग क्यों नहीं दे रहे हैं. एसओजी की टीम को वॉयस सैंपल क्यों नहीं लेने दिया जा रहा है.जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम एफआईआर में है, जब उनकी आवाज ऑडियो टेप में है तो वे मंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं.

