हजारीबाग: प्रारंभ सुबह 8:17, परामग्रस सुबह 9:31, मोक्ष 10:57 ग्रहण अवधि 2 घण्टे 40 मिनट.
सुभसंवत 2076 पौष कृष्ण पक्ष अमावश्या दिन गुरुवार 26/12/19 को खंडग्रास सूर्यग्रहण लगेगा. जो कि भारत के कई भागो के अलावे अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अमेरिका में भी दिखाई देगा.
सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घण्टे पहले शुरु हो जाता है. जो कि 25 दिसंबर को शाम 8:00 से सूतक लगेगा.
हिन्दू धर्म के अनुसार, इस काल में कुछ भी शुभ कार्य नहीं किये जाते है. यह वर्ष का अंतिम ग्रहण होगा. ॉ
पुराणों के अनुसार :-
समुद्र मंथन के दौरान जब देवों और दानवों के साथ अमृत पान के लिए विवाद हुआ तो इसको सुलझाने के लिए मोहनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया. जब भगवान विष्णु ने देवताओं और असुरों को अलग-अलग बिठा दिया. लेकिन असुर छल से देवताओं की लाइन में आकर बैठ गए और अमृत पान कर लिया.
देवों की लाइन में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने राहू को ऐसा करते हुए देख लिया. इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहू का सर धड़ से अलग कर दिया. लेकिन राहू ने अमृत पान किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सर वाला भाग राहू और धड़ वाला भाग केतू के नाम से जाना गया. इसी कारण राहू और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं.
किन राशियों को क्या फल मिलेगा ?
- मेष :- मान नास
- वृष राशि :- मृत्यु तुल्य कष्ट
- मिथुन :- स्त्री कष्ट
- कर्क :- सुख की प्राप्ति
- सिंह :- चिंता
- कन्या :- व्यथा
- तुला :- श्री प्राप्ति
- वृश्चिक :- क्षति
- धनु :- घात
- मकर :- हानि
- कुंभ :- लाभ
- मीन :- सुख की प्राप्ति
क्या करें और क्या ना करें आज के दिन ?
- मूल नक्षत्र में जन्म लेने वाले को यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए.
- गर्भवती महिलाएं विशेष ध्यान रखे पेट पर गाय के गोबर या चंदन का लेप लगा कर ही घर से बाहर निकले.
- सूतक लग जाने पर मंदिर में प्रवेश पूजा पाट, मूर्ति स्पर्स, भोजन करना वर्जित है.
- ग्रहण को खुली आंख से ना देंखे.
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर सूर्य को जल अर्पण करें व दान करें तथा गाय को चारा खिलाये.
नोट :- बालक, वृद्ध एवं असमर्थ लोगों पर कोई नियम लागू नहीं होते.
पंडित सुनील तिवारी

