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साइकिल से 2,100 किलोमीटर दूर के लिए निकला बेटा, बीमार पिता से मिलने के लिए मुंबई से जम्मू

by bnnbharat.com
April 7, 2020
in समाचार
साइकिल से 2,100 किलोमीटर दूर के लिए निकला बेटा, बीमार पिता से मिलने के लिए मुंबई से जम्मू

साइकिल से 2,100 किलोमीटर दूर के लिए निकला बेटा, बीमार पिता से मिलने के लिए मुंबई से जम्मू

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई हैं. लॉकडाउन के चलते यातायात के सभी साधन पूरी तरह से बंद के होने के बाद कई गरीब दिहाड़ी मजदूर सैकड़ों मील पैदल चलकर अपने घरों तक पहुंच पाए हैं.

इन्हीं में से एक जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 30 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी हैं. मुंबई के बांद्रा स्थित तुला टावर में गार्ड की नौकरी करने वाला आरिफ 60 वर्षीय बीमार पिता से मिलने साइकिल से 2100 किलोमीटर दूर जम्मू के राजौरी स्थित अपने घर के लिए निकल पड़े हैं.

दरअसल, मुंबई में फंसे आरिफ को 1 अप्रैल को पता चला कि ब्रेन स्ट्रोक के चलते उनके पिता की हालत गंभीर है. लॉकडाउन के चलते घर पहुंचने के लिए जब कोई साधन नहीं मिला, तो आरिफ ने साइकिल से ही घर निकलने की योजना बनाई. इस दौरान आरिफ ने कई लोगों से मदद भी मांगी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. इसके बाद उसने अपने एक साथी गार्ड को 500 रुपये देकर उसकी साइकिल ले ली.

मैं किसी भी तरह से अपने बीमार पिता के पास पहुंचना चाहता हूं. फिर चाहे इसके लिए मुझे कितने भी दिन साइकिल क्यूं न चलाना पड़े. मैं 2 अप्रैल की सुबह 10 बजे मुंबई से निकल गया था. इस दौरान रास्ते में कई पुलिसकर्मी मिले, रोकने पर मैंने उन्हें अपनी परेशानी बताई. किसी से मदद तो नहीं मिल पाई, लेकिन उन्हें किसी ने रोका भी नहीं. मुंबई से 800 रुपये लेकर निकला था अब सिर्फ 600 रुपये ही बचे हैं.

इस बीच जब CRPF के जवानों को आरिफ़ के बारे में पता चला तो वो मददगार बनकर सामने आए. इसके बाद सबसे पहले CRPF के कश्मीर स्थित ‘मददगार हेल्पलाइन 14411’ की कार्रवाई के बाद आरिफ के पिता वजीर हुसैन को राजौरी से हेलिकॉप्टर द्वारा जम्मू स्थित सिटी हॉस्पिटल लाया गया. इसके बाद जवानों ने आरिफ को फोन किया और पांच राज्यों में फैले CRPF जवानों के जरिए उस तक मदद पहुंचाई गई.

गुजरात के वडोदरा में आरिफ को खाने के पैकेट के साथ ही 2,000 रुपये, सैनिटाइजर, मास्क और कुछ अन्य सामान भी दिया गया.

CRPF जम्मू-कश्मीर जजोन के ADG जुल्फ़िकार हसन का कहना था कि, मीडिया में आरिफ की खबर देखकर हमारी हेल्पलाइन टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई है.

इस दौरान मुंबई से गुजरात तक की यात्रा कर चुके आरिफ को गुजरात पुलिस की मदद से ट्रक द्वारा राजस्थान के जोधपुर तक पहुंचाया जायेगा. हमने इस दौरान आरिफ से लगातार बात करने और उसे प्रेरित करने के लिए उसके गांव के एक CRPF कांस्टेबल को भी तैनात कर रखा है.

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