उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद बुधवार को दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ है। जानकारी के मुताबिक, 10 लोगों की मौत हो गई है और लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घटना घोरावल की ग्रामसभा मूर्तिया के गांव उम्भा की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 100 बीघे जमीन को लेकर पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच असलहे से फायरिंग के अलावा गड़ासे से भी लड़ाई हुई।
दो साल पहले खरीदी हुई जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, प्रधान ने दो साल पहले जमीन खरीदी थी। बुधवार को वह अपने सहयोगियों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसी को लेकर विवाद हुआ और फायरिंग शुरू हो गई। दोनों ओर से लोग गड़ासा, ईंट, पत्थर और कुल्हाड़ी लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। फायरिंग में 10 लोगों की जान चली गई, जिसमें चार महिलाएं शामिल हैं। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमा चौकन्ना हो गया। जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस अधीक्षक समेत तमाम आला अधिकारी पहुंचे। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल में भर्ती कराया गया जबकि गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रिफर किया गया है।
प्रधान के समर्थकों ने चलाई गोली
बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान ने 2 साल पहले 90 बीघे जमीन खरीदी थी. बुधवार को ग्राम प्रधान अपने समर्थकों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचा था. ग्रामीणों ने जमीन के कब्जे पर विरोध जताया जिसके बाद प्रधान पक्ष ने फायरिंग शुरू कर दी. इस फायरिंग में 9 ग्रामीणों की मौत हो गई जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं.
भारी संख्या में पुलिसबल तैनात
एसपी सोनभद्र के साथ स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभभा गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. शाम चार बजे तक जिला अस्पताल में 4 महिलाओं समेत 9 लोगों का शव जिला अस्पताल पहुंच चुका है.
मुख्यंत्री योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले पर संज्ञान ले लिया है. घटना के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है. योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्ति की है.
सीएम योगी ने घायलों को तत्काल मेडिकल सहायता देने का निर्देश दिया है. इस संबंध में सोनभद्र के जिला मजिस्ट्रेट को आदेश जारी किया गया है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यूपी के डीजीपी को आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर वह व्यक्तिगत नजर रखें और घटना की जांच कराएं.

