नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि आरटीआई बिल को कमजोर किया जा रहा है. सोनिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में यह बात किसी से छिपी नहीं कि केंद्र की मोदी सरकार आरटीआई की संस्था को अपने निरंकुश एजेंडा को लागू करने में एक बड़ी अड़चन के तौर पर देखती आई है. उन्होंने आगे यह भी कहा कि यह कानून जवाबदेही मांगता है और भाजपा सरकार किसी भी तरह के जवाब देने से साफ-साफ गुरेज करती आई है.
इसीलिए भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में एक एजेंडा के तहत केंद्र व राज्यों में बड़ी संख्या में सूचना आयुक्तों के पद रिक्त पड़े रहे. यहां तक कि केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त का पद भी दस महीने तक खाली रहा. यह सब कर मोदी सरकार का लक्ष्य केवल आरटीआई कानून को प्रभावहीन एवं दंतविहीन करना था.”

