नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी नौ दिसंबर को अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगी. सोनिया गांधी ने देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन और कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है. गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमा पर किसानों का प्रदर्शन जारी है.
वहीं, केंद्र के हालिया कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संघों ने आज राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया है. बंद सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक रहेगा. बंद के आह्वान को कुछ मजदूर संघों ने भी समर्थन देने का एलान किया है. हालांकि किसान नेताओं ने कहा है कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा.
लगभग सभी विपक्षी दलों द्वारा भारत बंद को समर्थन देने और कई संगठनों के किसानों के समर्थन में समानांतर प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद केंद्र ने परामर्श जारी करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा बढ़ाने और शांति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
सभी से सांकेतिक बंद में शामिल होने की अपील करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि अपने प्रदर्शन के तहत सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक वे चक्का जाम प्रदर्शन करेंगे जिस दौरान प्रमुख सड़कों को जाम किया जाएगा. प्रदर्शन के तहत उत्तरी राज्यों खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के किसान सड़कों पर उतरे हैं.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा बंद राजनीतिक दलों के बंद से अलग है. यह विचारधारा के कारण किया गया चार घंटे का सांकेतिक बंद है. हम चाहते हैं कि आम आदमी को कोई परेशानी न हो. हम उनसे इस अवधि के दौरान यात्रा न करने की अपील करते हैं.
उन्होंने कहा कि हम दुकानदारों से भी इस अवधि के दौरान अपनी दुकानें बंद रखने का अनुरोध करते हैं. भारतीय किसान एकता संगठन के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाला ने किसानों से शांति बनाकर रखने और बंद लागू करने के लिए किसी से विवाद नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट रहेगी. नेताओं ने दावा किया कि बंद पूरे देश में प्रभावी होगा.

