रांची, बोकारो, पाकुड़िया, दुमका समेत अन्य शहरों में आपके द्वारा चुने गए विधायक की जमीन है. सीएनटी/एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर आखिर कैसे करोड़ों की जमीन खरीद ली. क्या नोट छापने की मशीन है इनके पास. कहां से आई सोरेन परिवार के पास इतनी संपत्ति. यह आपके साथ धोखा ही तो है. क्योंकि जिस विधायक से आपको उम्मीदें थी, कि यह हमारी बुलंद आवाज बनेगा लेकिन उसने सिर्फ यहां की जनता को नहीं संथालवासियों को धोखा दिया है.
गोला निवासी सोरेन परिवार आज करोड़ों की संम्पति का स्वामी बन गया. जिस संथाल की भूमि की आजादी के लिए सिदो-कान्हू और फूलो-झानो ने बलिदान दिया, उसके विकास का अवरोधक बना सोरेन परिवार. इसने कभी नहीं चाहा कि आपका विकास हो. यहां की जनता के घर तक बिजली, शुद्धपेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, क्योंकि उनका मकसद आप सभी को जागरूकता से दूर रखने का था. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान बरहेट में आयोजित जनसभा में कही.
आपके बीच रहने वाले को चुने अपना जनप्रतिनिधि
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुमका से गुरुजी की हार के बाद संथाल परगना से परिवारवाद की राजनीति के अंत का आगाज हो चुका है. दुमका की जनता ने अपने बीच के युवा सुनील सोरेन को लोकसभा भेजा है. अब बरहेट की जनता की बारी है. इस बार विधानसभा चुनाव में बरहेट का जनप्रतिनिधि किसी बाहरी को नहीं, अपने बीच के विधायक का चुनाव करना है. ऐसा विधायक जो आपकी जरूरतों को समझे, आपके बीच रहे, आपकी परेशानियों को साझा करे. इस बार कमल खिलाएं. वही कमल जो समृद्धि का प्रतीक है. बरहेट की जनता से अपील करता हूं आप संकल्प लें. बरहेट में 2019 में कमल खिलेगा. विकास करने वाली भारतीय जनता पार्टी बरहेट की समृद्धि का वाहक बनेगी.

