रांची : जैन धर्म का लोकप्रिय दशलक्षण पर्व कल से प्रारंभ हो रहा है, जो कि 1 सितंबर तक चलेगा. रांची शहर में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखकर एवं मंदिरों की शुचिता, पवित्रता बनाए रखने की दृष्टि से दोनों जिनालय में दर्शन पर प्रतिबंध पूर्ववत की तरह जारी रखा गया है.
दशलक्षण पर्व जैन धर्म का तप, त्याग, संयम का सबसे बड़ा पर्व है. सभी की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एवं सरकारी नियमों को पालन करते हुए बाहर ग्रिल गेट से देव दर्शन की उपलब्ध सुविधा को बढ़ाते हुए प्रातः 5 से दिन 1 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक कर दिया गया है.
सिर्फ कलश एवं शांति धारा के दौरान प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक फाटक बंद रहने के कारण दर्शन उपलब्ध नहीं होंगे.
दोनों मंदिर में कलश एवं शांति धारा प्रातः 6:30 बजे से होगी. श्री दिगंबर जैन मंदिर अपर बाजार की कलश एवं शांतिधारा का प्रसारण Facebook live https://www.facebook.com/digambarjainsamajranchi/
पर अरविंद शास्त्री के मुखारबिंद से होगा. कलश एवं शांति धारा का लाभ पूर्ववत व्रतधारियों एवं प्रतिमा धारियों को ही प्राप्त होगा.
दशलक्षण पूजन विधान प्रातः 7 बजे से अरविंद शास्त्री के मार्ग दर्शन में प्रतिदिन सम्पन्न होगी. संध्या आरती प्रति दिन संध्या 7 बजे की जाएगी, जिसका प्रसारण का प्रयास किया जाएगा. सोलह कारण, दशलक्षण व्रतधारी, तेला व्रतधारी को मंदिर में प्रवेश के लिए अध्यक्ष या मंत्री से पूर्व मेंअनुमति लेनी होगी. कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप एवं सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार दशलक्षण संबंधित समाज द्वारा आयोजित सभी सामूहिक आयोजन नहीं होंगे.

