रांची: रांची में एटीबीआई की पहली राज्यस्तरीय कमेटी की बैठक पर नामकुम परिसर के एसटीडीसी के सभागार में आयोजित में की गई. छुपी हुई टी.बी. बीमारी एटीबीआई वे गैर लक्षण वाले वैसे टी.बी. रोगी जो की किसी चिहित टी.बी. रोगियों के संपंर्क में रहे हो, उन्हें टी.बी. से ग्रसित होने से बचाने हेतु कुछ रोग प्रतिरोधक दवाओं का प्रावधान एनटीईपी के अनतर्गत अब राज्य के राज्य के 04 जिलों रांची, पू. सिंहभूम, प. सिंहभूम एवं सारायकेला खरसांवा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाना है, जिसे बाद में सभी जिलों में इसका विस्तार किया जाएगा.
एक अन्य बैठक में टीबी बीमारी के सबंध में चर्चा करते हुए में निर्णय लिया गया कि इस बीमारी के तहत एनसीडी सेल एवं एनटीईपी के द्वारा संयुक्त रूप से सक्रिय केस की पहचान अभियान राज्य के सभी जिलों में फरवरी माह 2021 में चलाया जायेगा. जिलों में चिहित समूहों के लोगों में पहचान कर आवश्यकता अनुसार जांच एवं ईलाज सुनिश्चित कि जाएगी एवं टी.बी. के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा.
इस अवसर पर निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. मार्शल आईन्द, राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी, डॉ. राकेश दयाल, एसटीडीसी, निदेशक, डॉ. ए. मित्रा, डॉ. ब्रजेश मिश्रा, डॉ. जीवन मित्रा, डॉ. भारतद्धाज नारयण चौधरी, डॉ. राजीव रंजन पाठक, डॉ. निरूपम, डॉ. ओपी मनसरिया, डॉ शयामल सरकार एवं डॉ. अमित मोहन उपस्थित थे.

