BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

पं.राजकुमार शुक्ल जी की 145वीं जयंती पर हुआ साहित्योदय शब्दांजलि का विशेष आयोजन

दुनियाभर के विद्वानों ने लिया भाग. मांग उठी पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न मिलना चाहिए

by bnnbharat.com
August 23, 2020
in समाचार
पं.राजकुमार शुक्ल जी की 145वीं जयंती पर हुआ साहित्योदय शब्दांजलि का विशेष आयोजन
Share on FacebookShare on Twitter

Ranchi: मोहनदास करमचंद गाँधी को महात्मा बनाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की 145 वीं जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसका विश्व में एक साथ 3 चैनलों पर लाइव प्रसारण हुआ.साहित्योदय चैनल पर तकरीबन ढाई घण्टे तक चले विशेष लाइव वेबिनार में दुनियाभर के शिक्षाविद, लेखक, अधिकारी, हॉलीवुड, बॉलीवुड के फ़िल्म अभिनेता और निर्देशको ने भाग लिया.
कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री डॉ एस एन सुब्बाराव ने किया. कार्यक्रम का विषय: ” भारत की आज़ादी में पंडित राजकुमार शुक्ल का योगदान” था.

इस अवसर पर डॉक्टर सुब्बाराव ने कहा कि राजकुमार शुक्ल के बिना महात्मा गांधी का इतिहास अधूरा है क्योंकि राजकुमार शुक्ल जैसा हठी व्यक्ति जिन्होंने गांधी जी को चंपारण लाने पर मजबूर किया आप कल्पना कर सकते हैं उस समय का दौर जहां आवागमन के बहुत सीमित संसाधन थे वैसे ही स्थिति में राजकुमार शुक्ल जो पेशे से किसान थे उन्होंने कभी कोलकाता कभी लखनऊ कभी साबरमती गुजरात गांधी जी से मिलने जाते थे आप समझ सकते हैं कि राजकुमार शुक्ल का व्यक्तित्व क्या था जिन्होंने अपनी पूरी जमीन, गाय बछड़ा,, तक आंदोलन के लिए न्योछावर कर दिया उस आजादी के दीवाने को भारत रत्न से सुशोभित किया जाना चाहिए तभी हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं !
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय राय ने किया.

इस अवसर पर फिल्म अभिनेता राजेश जैस ने कहा कि जब महात्मा गाँधी ने खुद अपनी पुस्तक में लिखा है की ….. राजकुमार शुक्ल के अंदर हमें सत्य अहिंसा और इस्वर का प्रतिरूप दीखता है . उन्होंने कहा की २०११ में जब वह महात्मा गांधी के ऊपर बन रही फिल्म ” गाँधी द महात्मा ” में काम कर रहे थे उस दौरान कुछ जानकारी उन्हें मिली और काफी जिज्ञासा हुई थी की उनके बारे में ढेर सारी जानकारी जुटाई जाए.आज इस वेबीनार के माध्यम से बहुत कुछ जानने का मौका मिला उनके ब्यक्तित्व के बारे में. उन्होंने कहा कि इनके ऊपर अगर फीचर फिल्म बनती है तो वह जन जन तक उनके संघर्ष और व्यक्तित्व को लोगो के करीब लाने का मौका देगा और युवाओं को उनके बारे में ज्यादा जानकारी होगी.

इस अवसर पर डीपीएस स्कूल के प्रिंसिपल व सहोदया के अध्यक्ष डॉ राम सिंह ने कहा कि राजकुमार शुक्ल जैसा व्यक्तित्व को शिक्षा विभाग अपने पाठ्यक्रम में शामिल करें ताकि देश – दुनिया में उनके द्वारा किया गया अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष की सच्ची तस्वीर और इतिहास के बारे में संबंधित सामग्री छात्रों और युवाओ तक उपलब्ध हो . उन्होंने कहा की अग्रेज ऐमन ने राजकुमार शुक्ल के निधन के बाद कहा था ‘ शुक्ल अकेला मर्द था जो हमसे बराबर लड़ता रहा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा की राजकुमार शुक्ल के इतिहास का पुनर मूल्यांकन होना चाहिए बड़े पैमाने पर . उन्होंने कहा की
शुक्ल जी के संदर्भ में सोशल मीडिया पर या किसी समारोह या किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए वक्तव्य में इतिहास से परे और प्रामाणिकता के बिना जो बातें कही जाती है उन पर इतिहासकार विचार करें और सही साक्ष्य के आधार पर इन बातों को ठीक करें .
हमारी संस्था राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन भारत सरकार से उन्हें भारत रत्न दिलवाने के संदर्भ में भरपूर प्रयास कर रही है और आगे भी करेगी. क्योंकि हमारी संस्था राष्ट्रीय स्तर की संस्था है अतः हमारा उद्देश्य है कि हम धर्म, वर्ग ,जाति से ऊपर उठकर शुक्ल जी के योगदान को जन-जन तक पहुंचाएं.
कोरोना के खत्म होने के उपरांत भविष्य में हमारी संस्था बड़े पैमाने पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करेगी जिसमें विश्व भर से विद्वत जन शामिल होंगे.
हमारी संस्था का यह भी प्रयास है कि उन पर बहुत सारी डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनने के बावजूद उनके ऊपर अभी तक कोई फीचर फिल्म नहीं बनी है हमारी संस्था का यह प्रयास है कि हम भविष्य में शुक्ल जी पर एक विशेष फीचर फिल्म बनाए जिसमें परामर्श हेतु बहुत सारे इतिहासकार साहित्यकार और शोधकर्ता शामिल होंगे . साथ ही शुक्ल के संदर्भ में प्रामाणिकता के साथ हम जन-जन तक पहुंचे यह हमारा प्रयास होगा .
संस्था का यह भी उद्देश्य है कि शुक्ल जी के ऊपर जिन लोगों ने विशेष काम किया है उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाए संस्था का यह भी प्रयास है कि भविष्य में संस्थान के क्रियाकलाप योगदान और विद्वानों के आलेख के साथ एक स्मारिका का प्रकाशन होगा जिसे जन-जन तक पहुंचाना हमारा उद्देश्य होगा ताकि शुक्ल जी के जीवन को प्रामाणिकता के साथ लोगों तक लाया जा सके.

इस अवसर पर दूरदर्शन के कार्यक्रम निर्देशक डाक्टर अमरनाथ अमर ने कहा की शुक्ल जी जाती वर्ग धर्म इन सबसे ऊपर उठाकर पुरे हिंदुस्तान की जनता के स्वतंत्रता के लिए अलख जगाया. वस्तुतः उनके सम्बन्ध में आज के सन्द्रर्भ में प्रासंगिकता पर नए सिरे से विचार होना चाहिये.

वरिष्ठ लेखक भैरव लाल दास ने कहा की राजकुमार शुक्ल के कार्यो को समेटना हम सब की जिम्मेवारी बनती है. उन्होंने कहा की राजकुमार शुक्ल कोई अनपढ़ नहीं थे अगर वो अनपढ़ होते तो रोज अपनी डायरी नहीं लिखते और उनकी इतनी दूर दृष्टि नहीं होती की चम्पारण से देस के कई प्रांतो में जाकर गाँधी को वो लेकर आते. कही न कहीं इतिहासकारो ने उनके साथ न्याय नहीं किया और आधे अधूरे जानकारी देकर उनके संघर्ष को दबाने का प्रयास हुआ. राजकुमार शुक्ल और उनकी जिद न होती तो चंपारण आंदोलन से गांधी का जुड़ाव शायद ही संभव हो पाता.

मशहूर लेखिका डा सुजाता चौधरी ने कहा की उस वक्त घवही सहित सैकड़ो टैक्स अग्रेज लगाया करते थे. मुठी भर अग्रेज भारत में आकर हमारे ऊपर शासन किये ,हमे आपस में बाटकर वो राज किये. मगर राजकुमार शुक्ल अग्रेजो के खिलाफ खड़ा होकर आंदोलन की नीव रखी.

जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केंद्र के कार्यक्रम संयोजक भूपेंद्र प्रसाद ने कहा की महात्मा गांधी भारत की आजादी के लिए चली लड़ाई के सबसे बड़े नायक हैं, यह कहने वाली बात नहीं. लेकिन यही गांधी जब 21 सालों तक दक्षिण अफ्रीका रहकर 1915 में देश लौटे तो भारत के बारे में ज्यादा कुछ न जानते थे. जितना जानते थे, वह सतही और किताबी था. ऐसे में उनके राजनीतिक गुरु गोपालकृष्ण गोखले ने सलाह दी कि वे कम से कम एक बार पूरे देश का भ्रमण करें. उन्होंने ऐसा ही किया. इसके बाद भी वे तय न कर सके कि उनकी आगे की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधि कैसे आगे बढ़ेगी.

न्यूयॉर्क से शामिल हॉलीवुड के फिल्म निर्देशक कृपा रंजन ने कहा की इतने बड़े सख्सियत को का नाम हमलोग नहीं जान पा रहे है जो भारत के आजादी के टर्निग पॉइंट रहे है ,उन्होंने कहा की हमारा भी प्रयास होगा उनके ब्यतित्व पर कोई अछि फिल्म का निर्माण करू.
झारखंड विधानसभा के संयुक्त सचिव मिथिलेश कुमार मिश्र ने कहा की चंपारण किसान आंदोलन आजादी की लड़ाई में मील का पत्थर साबित हुआ था, लेकिन इसकी वजह बने राजकुमार शुक्ल को इतिहास में वाजिब स्थान न मिल सका.

फिल्म निर्देशक ऋषि प्रकाश मिश्रा ने कहा की चंपारण का किसान आंदोलन अप्रैल 1917 में हुआ था. गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह और अहिंसा के अपने आजमाए हुए अस्र का भारत में पहला प्रयोग चंपारण की धरती पर ही किया. यहीं उन्होंने यह भी तय किया कि वे आगे से केवल एक कपड़े पर ही गुजर-बसर करेंगे.

कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित राजकुमार शुक्ल और गांधी के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन प्रख्यात टीवी पत्रकार, मंच सञ्चालक और सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंकज प्रियम ने किया . आज इस कार्यक्रम का दुनियाभर के 70 से अधिक देश में सीधा प्रसारण हुआ जिससे बड़ी संख्या में दर्शक जुड़े रहे और शब्दावली के माध्यम से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया .इससे पूर्व हरसाल विशेष कार्यक्रमों के आयोजन किया जाता रहा है लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए इसबार ऑनलाइन लाइव कार्यक्रम सेमिनार कर उन्हें शब्दांजलि सुमन अर्पित किया गया. पंडित शुक्ल के सभी चाहने वालो ने लाइव कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी शब्दांजलि दी.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

ऑनलाइन ओरिएन्टेशन एवं रिफ्रेशर कोर्स कल से

Next Post

आज कोरोना वायरस से संक्रमित 16 मरीज मिले

Next Post
बिहार में फिर फूटा कोरोना बम, एक साथ 2297 नए मरीज मिले आंकड़ा 59567

आज कोरोना वायरस से संक्रमित 16 मरीज मिले

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d