रांची: झारखंड के प्रमुख जेलों में से एक रांची के बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा में सजायाफ्ता कैदी अब ऑर्गेनिक खेती करेंगे. होटवार जेल के कैदियों की ऑर्गेनिक खेती आमदनी का जरिया बनेगा. इसके लिए यहां के कैदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जेल कैंपस के अंदर खाली पड़ी जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा है.
बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट द्वारा पहले फेज में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 50 कैदियों को खेती की ट्रेनिंग दी जा रही है. ये कैदी अमृत योजना के तहत जेल के अंदर 5 एकड़ जमीन में गोमूत्र और गोबर का उपयोग कर ऑर्गेनिक खेती करेंगे.
दरअसल, जेल प्रशासन चाहता है कि जब ये कैदी सजा काटकर घर लौटें तो इनकी मनोदशा इस कदर बदली रहे कि ये दोबारा अपराध की दुनिया में कदम नहीं रख पाएं. गांव जाकर खेती या अन्य रोजगार से जुड़कर दूसरों की तरह सामान्य जिंदगी जी सकें. दूसरी ओर इस प्रयास से ऑर्गेनिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा.

