रांची: रांची में फूल और पौधों की नर्सरी तो कई हैं, लेकिन सुभाष के ग्रीन ऑर्थ की नर्सरी औरों से जुदा है. यहां फूलों, बोनसाई और अन्य औषधीय पौधों की जितनी वेराईटी है. वह रांची में शायद ही आपको कहीं और मिले. सुंदर-मनभावन फूल और पौधों के साथ लोकल और राजस्थानी रंग-बिरंगे पत्थरों की बेहतरीन कलाकारी का अनूठा संगम देखना हो, तो रांची की सुभाष की नर्सरी एकबार जरूर आईए. पत्थरों के जरिए सुभाष आपकी पसंद और जरूरत के हिसाब से बेहतरीन शो आइटम तैयार कर देते हैं ..जो आपकी बगिया मे चार चांद लगा देंगे.
सुभाष को शुरू से ही फूल-पौधों से लगाव रहा है ..और बचपन मे पिता द्वारा बताए गए गुर आज इनके काम आ रहे हैं. यही नहीं, फ्लोरिकल्चर मे दो वर्ष का प्रशिक्षण लेने के बाद करीब अठारह वर्षों तक विभिन्न राज्यों की इससे जुड़ी नामी-गिरामी कंपनियों मे अपने हुनर का लोहा भी मनवाया. लेकिन, इनके दिल को सुकून तब मिला ..जब इन्होंने खुद की सपनों की बगिया तैयार कर ली.
यहाँ आकर ग्राहकों का दिल भी बाग-बाग हो जाता है ..जैसे उनकी खोज पूरी हो गई हो. पौधों के साथ उनके रखरखाव का नुस्खा भी यहां उन्हें मुफ्त मिल जाता है.
सुभाष का मानना है कि हर हाल मे खुद का व्यवसाय ही रोजगार की दिशा मे बेहतर विकल्प है और व्यवसाय अगर अपने शौक से जुड़ा हो, तब तो तरक्की मिलते देर नहीं लगती.

