अगर आपको मछली खाना हो तो आप सबसे पहले बाजार की ओर दौड़ लगाते हो या आप सुपर मार्केट या नॉर्मल मार्केट से मछली खरीदते हो. क्या वो एकदम फ्रेश होती हैं. ऐसे में सबसे बड़ी समस्या होती है कि हमें फ्रेश मछली के बारे में कुछ पता नहीं होता है और मार्केट जाकर हम कुछ भी उठा लेते हैं. आपको बता दें कि बासी मछली हमारी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इसके अलावा इसका स्वाद और पोषक तत्वों की भी कमी आ जाती है. ऐसे में बासी और ताजी मछली का पहचान करना बहुत ही जरुरी हो गया है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करके कुछ परीक्षण बताए है. जिनकी मदद से आप आसानी से बासी और ताजी मछली की पहचान कर सकते हैं.
मछली की आंखें
आप मछली की आंखें देखकर भी आसानी से ताजी और बासी मछली का पता लगा सकते हैं. इसलिए खरीदते समय देखें कि मछली की आंखे चमकीली और साफ है तो वह ताजी है. वहीं अगर मछली की आंखे लाल या फिर सफेद है. तो वह बासी मछली है क्योंकि मछली पकड़े जाने के बाद तनाव में आ जाती है जो आंखें लाल होना एक संकेत है और सफेद आंख वाली मछली बासी मछली का संकेत है.
गलफड़े
अगर मछली के गलफड़े चमकीले लाल रंग के है तो वह ताजी है. वहीं अगर मछली के गलफड़े लाल या फिर काले है तो समझ लें कि वह बासी है.
शल्क
मछली के शरीर में शल्क के छोटे-छोटे पार्ट होते है. इनके चमकदार होने पर मछली ताजी होती हैं और शल्क मुरझाए हुए होने पर ये बासी होती है.
मछली का पेट
अगर मछली का पेट दबाने में वह फूला हुआ लगता है तो समझ लें कि यह कई दिन पुरानी है.
2- दबाकर
आपको बता दें कि एक ताजी मढली रबड़दार, गली और पिसलन वाली होती है. ऐसे में अगर मछली आपके हाथ से फिसल जाए तो समझ लें कि ताजी है. इसके अलावा अगर इसे दबाने में अंदर को न दबें तो समझ लें कि यह ताजी है.
3-सूंघकर
ताजी मछली कभी भी बदबू नहीं मारती है. ऐसे में अगर किसी मछली से बुरी बदबू आ रही है तो जान लें कि यह बासी है.

