रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा है कि कोरोना वायरस कोविड-19 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग और केंद्र सरकार के अन्य नीति निर्माताओं के आकलन को लेकर भ्रम की स्थिति है, इसलिए राज्य सरकार मौजूदा परिस्थिति और वास्तविकता को ध्यान में रख कर आगामी कुछ महीनों के लिए ठोस कार्य योजना बनाये, ताकि इस महामारी पर अंकुश पाने में कामयाबी मिल सके.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पहली बार 24 मार्च को देशव्यानी लॉकडाउन का उद्घाटन किया, तो राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में खत्म हुआ था, इस महामारी को 21 दिनों में हरा देंगे.
उसी दिन नीति आयोग की बैठक में विशेषज्ञों ने पता नहीं किस आकलन के आधार पर यह दावा किया था कि 16 मई तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य हो जाएगी. लेकिन अब नई दिल्ली के एम्स के निदेशक का कहना है कि देश में वायरस संक्रमण का पिक अवधि जून-जुलाई में होगी.
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और प्रवक्ता लव अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि पिक की स्थिति आये बिना देश से कोरोना वायरस की समाप्ति होगी. अब देश के नीति-निर्माताओं के अलग-अलग दावों का अंतिम निष्कर्ष क्या निकलेगा, यह तो बाद में पता चलेगा. लेकिन जिस तरह से देशभर में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसे लेकर झारखंड सरकार को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लौट रहे प्रवासी कामगारों, खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु से लौट रहे लोगों के लिए गहन जांच की व्यवस्था की जानी चाहिए और कोरोना जांच की गति में और तेजी लाने की जरूरत है, ताकि और अधिक प्रभावी तरीके से राज्य में इस महामारी पर काबू पाया जा सके.

